वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवेवे पर बनाए जाएं आधुनिक AC और पिंक टॉयलेट : रानी द्विवेदी

मुंबई। बांद्रा और दहिसर के बीच वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवे पर पर्याप्त, साफ, सुरक्षित और AC टॉयलेट न होने से नागरिकों को बहुत परेशानी हो रही है। इस गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाते हुए, भाजपा नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए मनपा की महासभा में आधुनिक AC तथा पिंक टॉयलेट के साथ ही सर्व सुविधायुक्त एमेनिटी सेंटर बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवे पर हर दिन लाखों गाड़ियां चलती हैं। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित नागरिकों के लिए यात्रा के दौरान टॉयलेट की उपलब्धता बहुत जरूरी है। हालांकि, अभी जो टॉयलेट हैं, उनमें से कई गंदे, बदबूदार और इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं। कुछ जगहों पर ‘AC टॉयलेट’ का जिक्र होने के बावजूद, असल में एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद है या खराब है। कुछ टॉयलेट में अनधिकृत कब्जे से यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने कहा कि मनपा प्रशासन हायवे पर शौचालय के लिए जगह उपलब्ध न होने की बातें करता है, तो फिर
‘वर्टिकल’ या उन्नत शौचालय बनाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई, इस पर भी महासभा में
उन्होंने सफाई मांगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हायवे पर यात्रियों को इस अहम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मनपा प्रशासन की ओर से बस बहानेबाजी की जा रही है। उन्होंने मुंबई के
प्रवेशद्वार दहिसर चेक नाका पर अच्छी सुविधाओं वाले सुविधा केंद्र तथा वातानुकूलित विश्रामालय बनाने के बारे में पहले किए गए वादों की मौजूदा स्थिति पर भी सफाई मांगी। उनकी इस मांग का सत्ताधारी तथा विरोधी पार्टियों के नगरसेवकों ने समर्थन किया, जिसमें महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित पिंक शौचालय, स्वच्छतागृह, पीने के पानी, नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम की मांग की गई। नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने कहा कि मुंबई को ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई और पनवेल से जोड़ने वाले ईस्टर्न एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर हर दिन लाखों गाड़ियां चलती हैं। इसलिए, नागरिकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, दोनों एक्सप्रेसवे पर काफी संख्या में आधुनिक टॉयलेट बनाना जरूरी है। गौरतलब हो कि मुंबई महानगरपालिका ने वर्ष 2012 में ‘हायवे टॉयलेट’ की संकल्पना को मंजूरी दी थी। वाहन चालकों तथा यात्रियों की सुविधा के लिए इस सुविधा के निर्माण का फैसला किया गया था। यह संकल्पना ईस्टर्न एक्सप्रेसवे पर घाटकोपर और विक्रोली-नाहुर के बीच लागू की गई थी; लेकिन, ईस्टर्न एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर दूसरी जगहों पर इसे बढ़ाने में काफी देरी हुई। उस समय के तत्कालीन मनपा आयुक्त ने भी माना था कि ‘हाईवे टॉयलेट’ का कॉन्सेप्ट रुका हुआ था। इस दौरान अतिरिक्त मनपा आयुक्त विपिन शर्मा ने माना कि ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर टॉयलेट की कमी है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय नगरसेवकों से चर्चा कर नई जगहों का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फंड मिलते ही सही जगहों पर टॉयलेट बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने पुराने टॉयलेट को तुरंत ठीक करने, नए आधुनिक सुविधा केंद्र बनाने, बंद पड़े AC सिस्टम को चालू करने और महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाने के लिए तय समयसीमा की घोषणा करने की पुरजोर मांग
महासभा में की है। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के मुख्य प्रवेशद्वार पर लोगों को मूलभूत स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मनपा प्रशासन की है, लिहाजा प्रशासन से महज आश्वासन न देते हुए इस मामले पर ठोस कार्रवाई किए जाने की उम्मीद हम करते हैं।




