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सावन में शिव आराधना के साथ गौसेवा का भी है विशेष महत्व – श्री श्री 1008 संत श्री विष्णु दास नागा जी महाराज

सावन के पावन अवसर पर पत्रकार जे. पी. शर्मा से विशेष वार्ता

 

सावन के पावन अवसर पर पत्रकार जे. पी. शर्मा से विशेष वार्ता

जयपुर। श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, तप, भक्ति और सेवा का पावन पर्व है। इस अवसर पर पत्रकार जे. पी. शर्मा से विशेष वार्ता करते हुए संत विष्णु दास नागा ने कहा कि सावन के महीने में कांवड़ यात्रा कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, लेकिन इसके साथ ही गौमाता की सेवा का महत्व भी सनातन धर्म में सर्वोच्च बताया गया है। उन्होंने कहा कि सनातन शास्त्रों में गौमाता को समस्त देवी-देवताओं का निवास स्थान माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौ के मस्तक पर स्वयं भगवान शंकर का वास है। इसलिए जो श्रद्धालु सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ गौसेवा भी करते हैं, उन्हें विशेष आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है। संत विष्णु दास नागा ने कहा कि स्कंद पुराण, महाभारत तथा अन्य धर्मग्रंथों में गौसेवा, गोसंरक्षण और गोपालन को श्रेष्ठ धर्म बताया गया है। गौमाता को हरा चारा खिलाना, स्वच्छ जल पिलाना, उनकी सेवा करना तथा गौशालाओं के संरक्षण में सहयोग देना भगवान शिव की आराधना का ही एक महत्वपूर्ण स्वरूप है। उन्होंने कहा कि शिव केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव में विद्यमान हैं और गौमाता उनकी विशेष प्रिय मानी गई है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि सावन के पावन महीने में केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहें, बल्कि गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जीव-दया और मानव सेवा को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। धर्म तभी सार्थक होता है जब पूजा के साथ सेवा और करुणा का भाव भी जुड़ा हो। संत विष्णु दास नागा ने कहा कि वर्तमान समय में गौसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। यदि प्रत्येक व्यक्ति सावन माह में गौसेवा का संकल्प ले, तो यह समाज में संवेदना, सेवा और संस्कार की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ गौमाता की सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिवभक्ति और गौसेवा का समन्वय ही सनातन संस्कृति का वास्तविक संदेश है। यही मार्ग समाज में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आधार बन सकता है।

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