पंचदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धा एवं भक्ति के साथ हुआ भव्य समापन

जयपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कालवाड़ स्थित श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर, हाथोज धाम में आयोजित पंचदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। हाथोज धाम पीठाधीश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज के सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया, गुरु मंत्र दीक्षा ग्रहण की तथा विशाल भंडारे में प्रसादी प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया। महंत पुरुषोत्तम दास महाराज ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिवस प्रातःकाल सीताराम जी महाराज एवं श्री दक्षिणमुखी बालाजी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके साथ ही भगवान को रक्षा सूत्र स्वरूप मनोरम झांकी से अलंकृत किया गया तथा पूर्वाचार्यों का विधिवत पूजन सम्पन्न हुआ। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालु गुरु वंदन एवं पूजा-अर्चना में सहभागी बने रहे और पूरा वातावरण भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
महोत्सव के दौरान आयोजित विशाल भंडारे में लगभग 20 से 23 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए श्री बालाजी जन कल्याण ट्रस्ट एवं स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर सेवा कार्यों का दायित्व संभाला गया, जिससे दर्शन एवं प्रसादी व्यवस्था शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुई। समस्त आचार्य पूजन डॉ. जितेन्द्र जोशी द्वारा सम्पन्न कराया गया। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना की तथा राज्य सरकार के ‘गुरु वंदन कार्यक्रम’ के अंतर्गत हाथोज धाम पीठाधीश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक जुगल किशोर, जिला प्रमुख जयपुर रामा चौपड़ा, प्रदेश मंत्री भाजपा राजस्थान अपूर्वा सिंह, प्रदेश कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक, राजकुमार देवायुष सिंह (पूर्व प्रदेश मंत्री, युवा मोर्चा) सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं भक्तों ने स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज का गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पाँच दिनों तक चले इस आध्यात्मिक महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, गुरु वंदन एवं सनातन संस्कृति के विविध कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को गुरु भक्ति के दिव्य रस से अभिभूत कर दिया। दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने हाथोज धाम की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक गौरवान्वित किया। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आयोजित इस पंचदिवसीय महोत्सव का भव्य एवं सफल समापन हाथोज धाम को गुरु भक्ति, सनातन संस्कृति एवं जनसेवा के एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक अवसर बनकर स्मरणीय रहा।




