फिजियो मनीष कपूर ने देश का पहला एसीई सर्टिफाइड हेल्थ कोच बनकर गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की
अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज के सभी कोर्सेज, असाइनमेंट्स तथा परीक्षाओं में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए

श्रीगंगानगर, 10 सितम्बर 2026: श्रीगंगानगर के विख्यात फिजियोथेरेपिस्ट मनीष कपूर ने अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज (एसीई) द्वारा अधिकृत प्रतिष्ठित ‘एसीई हेल्थ कोच’ का अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्राप्त कर गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मनीष कपूर यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले फिजियोथेरेपिस्ट बन गए हैं। 9
सितम्बर, 2026 को जारी इस अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए सभी 6 कोर्सेज, 8 असाइनमेंट्स तथा 15 से अधिक ऑब्जेक्टिव एवं केस स्टडीज आधारित परीक्षाओं में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया है।
ग्लोबल ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म कोर्सेरा के माध्यम से संचालित इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम को अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सेड्रिक एक्स. ब्रायंट (पीएच.डी., एफएसीएसएम) द्वारा अधिकृत किया गया है। इस कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत मनीष कपूर ने फाउंडेशन फॉर हेल्थ एंड वेलनेस कोचिंग, फाउंडेशन्स ऑफ इफेक्टिव बिहेवियर चेंज कोचिंग, लाइफस्टाइल एंड वेलनेस स्ट्रेटेजीज, क्रोनिक डिजीज एंड कोमोरबिड कंडीशन्स, प्रोफेशनल कंडक्ट एंड एस्टेब्लिशिंग ए प्रैक्टिस तथा गेटिंग रेडी फॉर योर एग्जाम नामक सभी 6 विषयों में शत-प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसके साथ ही उन्होंने कैपस्टोन पोर्टफोलियो के सभी खंडों तथा कम्प्लीट क्लाइंट कोचिंग पोर्टफोलियो सहित सभी असाइनमेंट्स एवं क्विज में 100 प्रतिशत प्राप्तांक दर्ज किए।
फिजियो मनीष कपूर द्वारा सभी 6 विषयों तथा विविध मूल्यांकनों में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने की इस असाधारण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। साक्ष्य-आधारित व्यवहार परिवर्तन, नैतिक कोचिंग अभ्यास और संपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के सिद्धांतों पर केंद्रित यह प्रमाणन जीवनशैली सुधार तथा क्रोनिक बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों के स्वास्थ्य प्रबंधन में एक नई वैज्ञानिक दिशा प्रदान करेगा। फिजियो मनीष कपूर की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों तथा प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त किया है तथा इसे संपूर्ण क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरव का क्षण बताते हुए विश्वास जताया है कि उनकी यह उपलब्धि देश में साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य कोचिंग व फिजियोथेरेपी देखभाल के मानकों को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।




