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संस्मरण लेख: मुसीबतों के काले बादल – श्री पालजीभाई वी राठोड़ ‘प्रेम’ (सुरेंद्रनगर गुजरात)
मुसीबतों के काले बादल जीवन की वे कठिन परिस्थितियां हैं जो अचानक उमड़ आती हैं। हमारे जीवन में हलचल…
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दीप जो स्वयं जल उठा- कविता साव पश्चिम बंगाल
एक छोटे से गाँव में एक बूढ़ा कुम्हार रहता था। उसके हाथों में ऐसी कला थी कि मिट्टी भी…
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लेख: प्रकृति का मौन संदेश लेखक: राजेश कुमार ‘राज’
प्रकृति मानव जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक है। वह अपने मौन संदेशों के माध्यम से हमें जीवन जीने की…
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चढ़ावा– माया शर्मा
मैने आज बेशक मन्दिर जाकर पूजा की घण्टी बजाई प्रसाद चढ़ाया माला भी चढाई लेकिन रुपए नहीं चढ़ाये। मैने…
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रूठी रानी उमादे भटियानी : वचन, मान और मौन की अमर गाथा – नरसा राम जांगु
कुछ प्रेम बोलकर अमर नहीं होते, कुछ रूठकर इतिहास बन जाते हैं। कुछ वचन निभाने के लिए नहीं, तोड़ने…
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यादों के झरोखे – -भूमिका शर्मा शिक्षिका और लेखिका ग्वालियर (मध्यप्रदेश)
यादों के झरोखे मैं याद आ गया वह पल।वह अपनो के साथ का सुकून का पल।जब परिवार के साथ बीते…
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वेद उपनिषद संबंधित—–डॉ मीरा कनौजिया काव्यांशी
महाभारत के युद्ध रण क्षेत्र में स्थित अर्जुन की मन: स्थिति असमंजस को प्राप्त होती है, वह आत्मा और…
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वनाधिकार पट्टों को लेकर आदिवासियों का संघर्ष तेज होगा, ‘करो या मरो’ का दिया आह्वान
उदयपुर, 27 जून ! जंगल को बचाने के नाम पर सरकार की नजर जंगल में बसे आदिवासियों पर है…
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उदासी – कहानी- सुनीता तिवारी”सरस”
आज मन बहुत उदास था। काफी पुराना रिश्ता जो बदल गया था, उसकी टीस भीतर कहीं गहराई तक चुभ…
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तर्क़ और संवेदना -डॉ दक्षा जोशी’निर्झरा’ अहमदाबाद, गुजरात।
तर्क़ और संवेदना मनुष्य के दो विपरीत परंतु पूरक छोर हैं। मस्तिष्क के भीतर जलती तर्क़ की ठंडी मोमबत्ती…
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