ग्यारस पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने लगाई मीठे पानी की छबील, दिया सेवा और संस्कार का संदेश

श्रीगंगानगर, 25 जून। ग्यारस के पावन अवसर पर मुखर्जी नगर में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सेवा, संस्कार और मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए मीठे पानी की छबील लगाई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों ने राहगीरों, वाहन चालकों एवं आमजन को ठंडा मीठा पानी पिलाकर भारतीय संस्कृति की सेवा भावना को साकार किया। छबील सेवा में देव, अदा, हुनर, भाविक, रितनया, रिषित, शमिक्षा, दविजा, रूहानी, पावनी एवं शिवू सहित अन्य बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों के इस सराहनीय प्रयास को देखकर क्षेत्रवासियों ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे नई पीढ़ी में संस्कारों एवं सामाजिक चेतना का सुंदर उदाहरण बताया।
इस अवसर पर सतीश कुमार, देव सिडाना, रविन्द्र खत्री एवं शैम्पी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि छोटी उम्र में सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना का विकास भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों से भी जोड़ते हैं।
राहगीरों ने भी बच्चों के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। ग्यारस के पावन पर्व पर आयोजित यह छबील न केवल लोगों के लिए राहत का माध्यम बनी, बल्कि यह भी सिद्ध कर गई कि संस्कारों की मजबूत नींव बचपन में ही रखी जाती है। मासूम बच्चों की यह प्रेरणादायक पहल समाज के लिए सेवा, सद्भाव और मानवता का संदेश बनकर उभरी।




