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पर्यावरण दिवस – अशोक पटसारिया नादान

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 1974 को मनाया गया था और इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है. हम अपने आसपास पेड़-पौधे लगाकर, प्लास्टिक का उपयोग न करके पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं.
*पेड़ो के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी*
पेड़ धरती पर सबसे पुरानें living organism हैं, और ये कभी भी अधिक आयु के कारण से नही मरते. हर वर्ष 5 अऱब पेड़ लगाए जा रहे है लेकिन हर वर्ष उससे अधिक पेड़ काटे भी जा रहे हैं.
एक पेड़  दिन में इतनी ऑक्सीजन देता है कि 4 आदमी जिंदा रह सकें. देशों की बात करें, तो दुनिया में सबसे अधिक पेड़ रूस में है उसके पश्चात् कनाडा में उसके पश्चात् ब्राज़ील में फिर अमेरिका में और उसके  पश्चात् भारत में केवल 35 अऱब पेड़ बचे हैं.
दुनिया की बात करें, तो 1 इंसान के लिए 422 पेड़ बचे है. लेकिन यदि भारत की बात करें, तो 1 हिंदुस्तानी के लिए केवल 28 पेड़ बचे हैं.
पेड़ो की कतार धूल-मिट्टी के स्तर को 75% तक कम कर देती है. और 50% तक शोर को कम करती हैं. एक पेड़ इतनी ठंड पैदा करता है जितनी 1 A.C 10 कमरों में 20 घंटो तक चलने पर करता है. जो इलाका पेड़ो से घिरा होता है वह दूसरे इलाकों की तुलना में 9 डिग्री ठंडा रहता हैं. पेड़ अपनी 10% खुराक मिट्टी से और 90% खुराक हवा से लेते है. एक पेड़ में एक वर्ष में 2,000 लीटर पानी धरती से चूस लेता हैं.एक एकड़ में लगे हुए पेड़ 1 साल में इतनीCo2सोख लेते है जितनीएक कार 41,000 km चलने परछोड़ती हैं.
दुनिया की 20% oxygen अमेजन के जंगलो द्वारा पैदा की जाती हैं. ये जंगल 8 करोड़ 15 लाख एकड़ में फैले हुए हैं.इंसानो की तरह पेड़ो को भी कैंसर होती है.कैंसर होने के बाद पेड़ कम ऑक्सीजन देने लगते है। पेड़ की जड़े बहुत नीचे तक जा सकती है. दक्षिण अफ्रिका में एक अंजीर के पेड़ की जड़े 400 फीट नीचे तक पाई गई थी। दुनिया का सबसे पुराना पेड़ स्वीडन के डलारना प्रांतमें है.टीजिक्कोनाम का यह पेड़ 9,550 साल पुराना है. ।
.                   किसी एक पेड़ का नाम लेना कठिन है लेकिन तुलसी, पीपल, नीम और बरगद दूसरों के अपेक्षा अधिक ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं. इस बरसात में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगायें तथा स्वयं जगें लोगों को जगाएं…मिलकर पर्यावरण बचाएँ-

अशोक पटसारिया नादान

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