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साधुमार्गी जैन संघ अध्यक्ष पारसमल चपलोत परिवार के तप की अनुमोदना

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भायंदर। शहर के सुप्रसिद्ध उद्योगपति, राजस्थान सरकार द्वारा भामाशाह रत्न से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी वीर वसुंधरा मेवाड़ की माटी में जन्मे लोगों की गुरु भक्ति सेवा निष्ठा संपूर्ण देश में एक उदाहरण बनकर औरों को भी प्रेरित करती है, ऐसे ही परम गुरु भक्त समाज सेवा और मानव सेवा के क्षेत्र में मिसाल कायम करने वाले दानवीर भामाशाह पारसमल चपलोत, जो यथा नाम तथा गुण वह पारस पत्थर है, जिसका स्पर्श मात्र जिस वस्तु से हो जाए वह सोना बन जाती है, ठीक यही सुलक्षण इन पारसमल चपलोत के कर कमलों में भी विद्यमान है। किसी भी विद्या का क्षेत्र हो यदि पारसमल उस विद्या की ओर देख भर ले तो उस क्षेत्र की विधाओं की भाग्य करवटें लेने लगती है। अमूमन तौर पर यह सत्य भी स्वीकार योग्य है कि पारसमल चपलोत ऐसा सत्य मानव रत्न है, जिसके ह्रदय में मानवता के गुणों का संपूर्ण कोष समाहित है। और इसी के चलते इनको भारत सरकार, दिल्ली द्वारा अटल सम्मान से सम्मानित किया गया एवं अभी आपके परिवार में आप श्री ने अठ्ठाई तप आपकी धर्मपत्नी श्रीमती स्नेहाजी ने 11 उपवास और आपकी पुत्री डॉक्टर कार्तिकाजी ने भी 11 उपवास किया। जिसमें पारणा या तप अनुमोदना करने में अभिनव सामायिक रखी गई बतादें की पूरी मुंबई में सामायिक कि यह पहल हुई और सभी ने बढ़ चढ़ कर सामयिक में भाग लेकर अनुमोदना की। गौरतलब हो कि पारस चपलोत वर्तमान में मीरा भायंदर के साधु मार्गी जैन संघ के अध्यक्ष पद को शोभायमान कर रहे है। आपके तप की हम सभी की ओर से बहुत-बहुत अनुमोदना।

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