Uncategorized

सर्वेश कुमार मिश्र यथार्थ के साधक: विनय शर्मा दीप

 

प्रयागराज । साहित्य की अनमोल विरासत लिए प्रयागराज अपनी संस्कृति के लिए जानी पहचानी जाती है। इतना ही नहीं गंगा जमुना सरस्वती का त्रिवेणी संगम, ऐतिहासिक विरासत, शैक्षणिक धरातल, राजनीतिक जामा के लिए भी चर्चित है। ऐसे मिट्टी में एक ऐसे साहित्यकार, कलमकार, लेखक एवं कवि का जन्म होता है जिसका नाम ही सबका स्वामी शिव अर्थात सर्वेश कुमार मिश्र है जिन्होंने यथार्थवाद को अपनाया और अपनी बुद्धिमत्ता और तार्किक अंदाज में सच को लाकर सभी के समक्ष रखा।आप गंभीर, विचारशील समाज सुधारक के रुप में लेखक बनकर समाज को आइना दिखाने का कार्य किया।आपकी चर्चित पुस्तक अंतर्मन की काव्य यात्रा ‘ यथार्थ ‘ वास्तव में सारगर्भित काव्य संग्रह है। आपके द्वारा लिखित गणेश वंदना,मां- पिता एवं बेटी की कविता ने हृदय झंकृत कर दिया।इसी तरह गुरु की महिमा, श्रद्धा, व्यवहार, युवा शक्ति, नशा मुक्ति, रोटी, बुढ़ापा,बचपन,बेरोजगारी, आस्तीन का सांप,चुनौती, मनोव्यथा, बेवफा, नसीहत, छलावा जैसी अनेक कविताएं यथार्थ को जन्म देती है। यथार्थ काव्य संग्रह पठन योग्य है जो समाज को उर्वरा शक्ति प्रदान करते हुए जनजागरण का कार्य करेगी। मुंबई के चर्चित कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप को सर्वेश कुमार मिश्र ने अपनी पुस्तक यथार्थ भेंट किया। दीप ने कहा आपकी लेखनी को एवं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं भविष्य में भी आप इसी तरह की रचनाएं जनमानस तक लाएं तथा साहित्य को शक्ति प्रदान करते हुए समाज को जगाने का कार्य करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!