महिला काव्य मंच पश्चिमी दिल्ली इकाई की ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी में साहित्य की बही सरिता
17 कवयित्रियों ने कविता, गीत, ग़ज़ल और मुक्तकों से श्रोताओं को किया भाव-विभोर
नई दिल्ली। महिला काव्य मंच, पश्चिमी दिल्ली इकाई द्वारा 4 जुलाई 2026, शनिवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी साहित्यिक गरिमा एवं आत्मीय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम का आयोजन मकाम के संस्थापक आदरणीय नरेश नाज़, वैश्विक अध्यक्ष आदरणीया नीतू राय, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदरणीया तृप्ति अग्रवाल, मुख्य अतिथि एवं दिल्ली प्रदेश महासचिव आदरणीया केनुप्रिया अत्रे, विशिष्ट अतिथि एवं शाहदरा इकाई की संरक्षक आदरणीया श्यामा भारद्वाज ‘श्याम’ तथा दिल्ली प्रदेश सचिव आदरणीया डॉ. मीना शर्मा के स्नेहिल मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन पश्चिमी दिल्ली इकाई की महासचिव सुनीला नारंग ‘बहुरंगी’ ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ सभी आमंत्रित कवयित्रियों के स्वागत-अभिनंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली इकाई की महासचिव शिखा खुराना ने मधुर स्वर में माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय एवं साहित्यमय बना दिया। मुख्य अतिथि केनुप्रिया अत्रे की अनुमति से गोष्ठी का विधिवत शुभारंभ हुआ। गोष्ठी में कुल 17 कवयित्रियों ने कविता, गीत, ग़ज़ल, मुक्तक सहित विभिन्न काव्य विधाओं में अपनी उत्कृष्ट एवं भावपूर्ण रचनाओं का पाठ किया। सभी रचनाकारों ने अलग-अलग विषयों पर मौलिक एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।

विविध विषयों और भावों से सजी इस काव्य संध्या ने साहित्य प्रेमियों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया। इस अवसर पर केनुप्रिया अत्रे, श्यामा भारद्वाज ‘श्याम’, डॉ. मीना शर्मा, सुनीला नारंग ‘बहुरंगी’, सरिता गुप्ता, मधु वशिष्ठ, नीता दूबे, प्राची कौशल, भावना भारद्वाज, सुषमा गर्ग, महालक्ष्मी केशरी, सुनीता पूनिया, शिखा खुराना, कुलदीप कौर, मीना तथा एकता सहित सभी कवयित्रियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से गोष्ठी की गरिमा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। समापन सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए श्यामा भारद्वाज ‘श्याम’ ने सभी रचनाकारों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर साहित्य सृजन एवं मंचीय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। अंत में पश्चिमी दिल्ली इकाई की उपाध्यक्ष एकता ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
साहित्य के प्रति समर्पण, पदाधिकारियों के मार्गदर्शन तथा प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण सहयोग से यह ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी प्रेरणादायी, सफल एवं अविस्मरणीय सिद्ध हुई।




