Welcome to इंडिया जागरण टुडे   Click to listen highlighted text! Welcome to इंडिया जागरण टुडे
Uncategorized

यादों, रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव बना ‘कल, आज और कल’ आयोजन

 

सुनीता त्रिपाठी अजय। इंडिया जागरण टुडे

जयपुर। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था जयपुर आइकॉन्स द्वारा जयपुर क्लब के बांस उपवन सभागार में आयोजित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संध्या “कल, आज और कल” यादों, संस्कृति, साहित्य, संगीत, संवाद और आत्मीय रिश्तों का अनुपम उत्सव बन गई। कार्यक्रम में बीते कल की स्मृतियाँ, आज की अनुभूतियाँ और आने वाले कल की संभावनाएँ एक साथ साकार होती दिखाई दीं। संस्था की संस्थापक कल्पना पुरोहित, हेमलता शाह, रिया मनोज एवं दीपक सिहाग ने सभी सदस्यों, नवसदस्यों एवं अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए संस्था के उद्देश्य, विचार और निरंतर बढ़ते परिवार की भावना से सभी को अवगत कराया।कार्यक्रम में वीणा कैसेट्स के निदेशक हेमजीत मालू तथा रघु सिन्हा–माला माथुर चैरिटेबल ट्रस्ट के न्यासी एवं समाजसेवी सुधीर माथुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक विचारों के माध्यम से संस्कृति, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
आयोजन की सफलता में रानू श्रीवास्तव, पूजा शर्मा, श्वेता माथुर, अजय कुमार, प्रो. अमला बत्रा, अनीता घई, आरती दुबे, प्रीति सिहाग, मितुल पुरोहित, अशोक शाह, आलोक सैनी, नरेंद्र जैन, प्रदीप सेठी, प्रतिमा नैथानी, प्रेम प्रकाश, रेशमा खान, रिद्धिमा सहगल, संदीप शर्मा, सुनीता त्रिपाठी, सीमा जैन, शकुंतला धूत, शर्मिला जैन, शिखा सेठी, स्नेहा शर्मा ‘स्नेही’, दीप्ति शर्मा, दीपक खियानी तथा विनीता सोमानी सहित सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता, साहित्यिक प्रस्तुतियों और आत्मीय उपस्थिति ने संध्या को अविस्मरणीय बना दिया। इस अवसर पर नेचुरल नेक्टर की संस्थापक संगीता सिंघल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आयाम प्रदान किया। वहीं कुक स्मार्ट बाय कोमल की संस्थापक कोमल जैन ने अपने पौष्टिक एवं स्वादिष्ट कुकीज़ और बिस्किटों के माध्यम से स्वाद और सेहत का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। संगीत, साहित्य, संस्कृति, संवाद और आत्मीयता से सजा यह आयोजन एक बार फिर सिद्ध कर गया कि जयपुर आइकॉन्स केवल एक संस्था नहीं, बल्कि ऐसा परिवार है जहाँ विरासत, रचनात्मकता और मानवीय संबंधों का निरंतर विस्तार होता है। संस्था का यह प्रयास जयपुर की सांस्कृतिक चेतना, साहित्यिक अभिव्यक्ति और सामाजिक जुड़ाव को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!