गायत्री परिवार ने लिया बहनों की रक्षा का संकल्प -हेमाद्रि संकल्प, दस विध स्नान, पितृ तर्पण, हवन कर मनाया रक्षाबंधन
जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में सावन माह की पूर्णिमा पर शुक्रवार को जयपुर के विभिन्न प्रज्ञा संस्थानों पर श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षाबंधन पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान हेमाद्रि संकल्प, सप्त ऋषि पूजन, वेद पूजन, दस विध स्नान, यज्ञोपवीत परिवर्तन, सामूहिक तर्पण और गायत्री महायज्ञ सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। साधकों ने ऋषियों एवं वेद परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आत्मशुद्धि, सदाचार, संयम और आध्यात्मिक साधना को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। साथ ही जीवन में जाने-अनजाने में हुए गलत कार्यों तथा ज्ञात-अज्ञात पाप कर्मों के लिए भगवान से क्षमा याचना की गई और भविष्य में उन गलतियों को नहीं दोहराने का संकल्प लिया गया। सभी स्थानों पर नारी का सम्मान करने और उनकी सुरक्षा करने का संकल्प लिया गया।
गायत्री शक्तिपीठ, ब्रह्मपुरी में श्रावणी उपाकर्म का मुख्य आयोजन हुआ। शक्तिपीठ के व्यवस्थापक सोहन लाल शर्मा ने बताया कि साधकों ने विधि-विधान से भस्म, मिट्टी, गोमय, गोमूत्र, दूध, दही, घी, शहद,हल्दी और कुशा से दस विध स्नान किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गायत्री यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गईं। आयोजन में ऋषि परंपरा, वेदाध्ययन और आत्मशुद्धि के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा की ओर से रामेश्वर धाम कॉलोनी स्थित गौड़ विप्र समाज भवन में श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। योग गुरु अजय शर्मा ने शंखनाद के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मनु महाराज ने वेदमाता गायत्री और गुरु सत्ता का पूजन कराया।
व्यास पीठ से प्रहलाद शर्मा ने विधि-विधान से हेमाद्रि संकल्प कराया। इसके बाद सप्त ऋषि पूजन, वेद पूजन, दस विध स्नान, यज्ञोपवीत परिवर्तन और सामूहिक तर्पण कराया गया।
श्रावणी कर्म के तहत प्रतिभागियों ने पुराना यज्ञोपवीत उतारकर विधि-विधान से नया यज्ञोपवीत धारण किया। इसके बाद गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कीं।
यज्ञ के बाद सभी ने एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधकर आपसी प्रेम, सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया।
तरू पूजन कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश:
कार्यक्रम में पौधारोपण कर तरु पूजन भी किया गया। पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया गया। अंत में सत्संकल्प पत्र का वाचन कराया गया। कार्यक्रम में गौड़ विप्र समाज समिति, रामेश्वरधाम विकास समिति, विकास नगर विकास समिति, पतंजलि किसान सेवा समिति सहित अनेक संस्थाओं के लोग शामिल हुए।
यहां भी हुए आयोजन:

किरण पथ, मानसरोवर स्थित श्री वेदमाता भगवती वेदना निवारण केन्द्र, गायत्री शक्तिपीठ वाटिका, गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़ और गायत्री चेतना केन्द्र, जनता कॉलोनी में भी श्रावणी उपाकर्म आयोजित किया गया। विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से गलताजी, आमेर के सागर, मावठा और जयसिंहपुरा खोर में भी श्रावणी उपाकर्म, हेमाद्रि संकल्प एवं यज्ञोपवीत परिवर्तन के कार्यक्रम हुए।




