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म्हाडा के लिए आरक्षित मकान नहीं सौंपने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई करें : मंगल प्रभात लोढ़ा

 

मुंबई। राज्य के कैबिनेट मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के सह-पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए आवासीय परियोजनाओं में म्हाडा के लिए आरक्षित मकान यदि बिल्डर म्हाडा को हस्तांतरित नहीं करते हैं, तो केवल एफआईआर दर्ज कर रुकना पर्याप्त नहीं है। ऐसे मामलों में संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जेल भी भेजा जाए। वे बांद्रा (पश्चिम) स्थित रंगशारदा सभागार में आयोजित म्हाडा मुंबई मंडल के कम्प्यूटरीकृत आवासीय लॉटरी कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर आवास राज्यमंत्री पंकज भोयर, महापौर श्रीमती रितू तावड़े, म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित थे। इस दौरान 2,640 आवासों की कम्प्यूटरीकृत लॉटरी निकाली गई। श्री लोढ़ा ने कहा कि विकास नियंत्रण नियमावली के अनुसार अतिरिक्त विकास अधिकार (एफएसआई) का लाभ लेने वाले बिल्डरों के लिए म्हाडा के हिस्से के आरक्षित मकान उसे सौंपना अनिवार्य है। लेकिन अनेक मामलों में ये मकान वर्षों तक म्हाडा को हस्तांतरित नहीं किए जाते, जिससे आम नागरिकों को मिलने वाले आवास अटक जाते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करके मत रुकिए। संबंधित बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कीजिए। जरूरत पड़े तो उन्हें जेल भेजिए। यदि एक-दो मामलों में कठोर कार्रवाई होगी, तो अन्य बिल्डर भी नियमों का पालन करेंगे और म्हाडा के लिए आरक्षित मकान समय पर सौंपेंगे। इससे कम से कम एक हजार अतिरिक्त मकान तत्काल उपलब्ध हो सकेंगे और उन्हें आम नागरिकों को आवंटित किया जा सकेगा। श्री लोढ़ा ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा महानगरपालिका के प्रत्येक विभाग में नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए शुरू की गई सलाहकार समिति की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तर्ज पर म्हाडा में भी ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आवास क्षेत्र के विशेषज्ञों, वास्तुकारों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा संबंधित क्षेत्र में कार्यरत अनुभवी व्यक्तियों को शामिल करते हुए सलाहकार समितियों का गठन किया जाए। इससे नागरिकों और म्हाडा प्रशासन के बीच संवाद अधिक प्रभावी होगा तथा स्थानीय स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव होगा।
श्री लोढ़ा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में म्हाडा ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन जनोन्मुखी, पारदर्शी और जवाबदेह आवास व्यवस्था के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को पारदर्शी, न्यायसंगत और किफायती आवास उपलब्ध कराया जाए। म्हाडा के प्रत्येक घर पर नागरिकों का अधिकार सुरक्षित रहे, इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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