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सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज प्रतियोगिता में स्कूली विद्यार्थी भी भाग लें : मंगल प्रभात लोढ़ा

 

मुंबई। केंद्रीय कौशल विभाग की ओर से ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग, महाराष्ट्र सरकार की ओर से राज्य के सभी स्कूली विद्यार्थियों को भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत सोलापुर स्थित स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन का सहयोग लिया जाएगा। नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाएं भी आगे आएं, ऐसा आवाहन कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया।
मंत्रालय में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता में राज्य के जिला परिषद एवं अन्य स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सोलापुर स्थित स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (सर) के साथ आयोजित बैठक में मंत्री श्री. लोढ़ा बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटील, स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के राज्य समन्वयक सिध्दराम माशाळे, बालासाहेब वाघ उपस्थित थे।मंत्री श्री. लोढ़ा ने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। इस प्रतियोगिता में नवप्रवर्तक, विद्यार्थी, विद्यार्थी समूह, शोधकर्ता, प्राध्यापक, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, कंपनियां, सामाजिक संस्थाएं, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थाएं तथा अन्य इनोवेशन टीमें भाग ले सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके रचनात्मक समाधान खोजने की क्षमता बड़े पैमाने पर है। यह क्षमता केवल स्कूली परियोजनाओं तक सीमित न रहकर वास्तविक समाजोपयोगी नवाचारों में परिवर्तित हो, यही ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का प्रमुख उद्देश्य है। विद्यार्थियों को समस्या की पहचान करने से लेकर उसका समाधान विकसित करने और उसे वास्तविक रूप से लागू करने तक मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है।
इस प्रतियोगिता में 10 प्रमुख क्षेत्रों के प्रत्येक 5 उपक्षेत्रों से नवाचारपूर्ण अवधारणाओं का चयन किया जाएगा। इस प्रकार कुल 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये की वर्क ऑर्डर दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की कल्पनाओं को केवल पुरस्कार ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने नवाचार को वास्तविक रूप से लागू करने का अवसर भी उपलब्ध होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की इस पहल में भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) को आगे आना चाहिए, ऐसा आवाहन मंत्री श्री. लोढ़ा ने किया। जिला परिषद की स्कूलों सहित ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न स्कूलों तक इस पहल की जानकारी पहुंचाकर विद्यार्थियों को इसमें सहभागी बनाना आवश्यक है। महिलाओं, युवाओं और सभी के लिए खुले विभिन्न वर्गों से अधिक से अधिक नवाचारपूर्ण विचार सामने आएं, इसके लिए प्रयास करने का आवाहन भी उन्होंने किया। कृषि, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण, परिवहन सहित दैनिक जीवन की विभिन्न समस्याओं पर विद्यार्थियों को व्यवहार्य समाधान सुझाने चाहिए। एनजीओ को विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान करने, उनके समाधान विकसित करने और प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन करना चाहिए। अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली स्कूलों की संख्या, विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य, जानकारी दिए जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा प्रस्तुत करवाए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण आवेदनों की संख्या के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। जमीनी स्तर के विद्यार्थियों के विचारों को राज्यस्तरीय मंच उपलब्ध कराने के लिए सरकार, स्कूलों और स्वयंसेवी संस्थाओं को समन्वय से काम करना आवश्यक है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए https://sevainnovationchallenge.in/ पर संपर्क किया जा सकता है, ऐसा भी मंत्री श्री. लोढ़ा ने बताया।स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के राज्य समन्वयक सिध्दराम माशाळे ने कहा कि, राज्य की स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक और नवाचारपूर्ण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सोलापुर स्थित स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (सर फाउंडेशन) कार्य कर रहा है। संस्था की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग द्वारा आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता की जानकारी जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। विद्यार्थियों के नवाचारों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने के लिए इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रयास किए जाएंगे, ऐसी जानकारी भी उन्होंने इस अवसर पर दी।

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