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साहित्य संगम मंच के सम्मान में भव्य समागम समागम– विमर्श एवं सम्मान समारोह में साहित्य संगम मंच की गरिमामयी सहभागिता

 

नई दिल्ली | 16 अगस्त 2026। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं के सम्मान एवं उनके योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से 16 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ के विशाल सभागार में एक भव्य “समागम–विमर्श एवं सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। यह गरिमामयी आयोजन डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र एवं हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादकों को समर्पित था।

इस भव्य समारोह में 90 से अधिक साहित्यिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साहित्य संगम मंच को भी सम्मान हेतु आमंत्रित किया जाना मंच के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय रहा।
साहित्य संगम मंच की ओर से मंच की संस्थापिका शिखा खुराना ‘कुमुदिनी’ तथा अध्यक्ष सुनीला नारंग ‘बहुरंगी’ ने समारोह में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय साहित्य संगम मंच को इस प्रतिष्ठित आयोजन में आमंत्रित किया जाना मंच की साहित्यिक यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
समारोह में सम्मान के साथ-साथ सार्थक विचार-विमर्श का भी आयोजन किया गया। विमर्श के प्रमुख विषयों में “सामाजिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक समरसता बनाए रखने में निजी संस्थाओं की भूमिका” तथा “वर्तमान समय में साहित्यिक पत्रिकाओं की चुनौतियाँ और भविष्य” जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इन विषयों ने साहित्य और समाज के बदलते परिदृश्य, संस्थाओं की जिम्मेदारियों तथा साहित्यिक अभिव्यक्ति के वर्तमान स्वरूप पर गंभीर चिंतन का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम का वातावरण साहित्यिक गरिमा, सामाजिक चेतना और आत्मीय संवाद से परिपूर्ण रहा। विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, साहित्यकारों, संपादकों और पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे एक व्यापक साहित्यिक-सांस्कृतिक संगम का रूप प्रदान किया। एक-दूसरे से परिचय, विचारों का आदान-प्रदान और साहित्यिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर संवाद इस आयोजन की विशेष उपलब्धि रहे।
डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र का विशाल एवं गरिमामय सभागार इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था, सम्मान समारोह की भव्यता तथा अतिथियों एवं साहित्यकारों के लिए किए गए उपयुक्त जलपान एवं आतिथ्य ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
साहित्य संगम मंच के लिए यह अवसर केवल सम्मान प्राप्त करने का नहीं, बल्कि साहित्यिक संस्थाओं के व्यापक परिवार के बीच अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने का भी रहा। मंच की संस्थापिका शिखा खुराना ‘कुमुदिनी’ और अध्यक्ष सुनीला नारंग ‘बहुरंगी’ की सहभागिता ने इस अवसर को मंच के लिए और भी विशेष बना दिया।
यह आयोजन इस विश्वास को सुदृढ़ करता है कि साहित्य केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, संवेदनाओं को दिशा देने और सांस्कृतिक समरसता को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजन साहित्यिक संस्थाओं को एक-दूसरे से जोड़ते हैं और सामूहिक रूप से हिंदी साहित्य एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन की नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं।
साहित्य संगम मंच इस गरिमामयी आमंत्रण एवं सम्मान के लिए डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र एवं हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है। यह सम्मान मंच से जुड़े प्रत्येक साहित्यकार, रचनाकार और सहयोगी के लिए प्रेरणा है और आने वाले समय में साहित्यिक गतिविधियों को और अधिक सार्थक एवं व्यापक बनाने की ऊर्जा प्रदान करता है।
शिखा खुराना ‘कुमुदिनी’
संस्थापिका, साहित्य संगम मंच

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