भूटान की धरती पर नीलम ‘बावरा मन’ को मिला साहित्य शिरोमणि सम्मान

नई दिल्ली। भूटान की सुंदर धरती पर 17 से 22 सितंबर 2026 तक आयोजित भूटान-भारत अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक-सांस्कृतिक मैत्री सम्मेलन में साहित्यकार एवं कवयित्री नीलम ‘बावरा मन’ विद्यावाचस्पति को भूटान-भारत अंतर्राष्ट्रीय साहित्य शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस गरिमामय अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में नीलम ‘बावरा मन’ को विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने सम्मेलन में अपने भावपूर्ण काव्यपाठ से उपस्थित साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। उनके काव्यपाठ को उपस्थित अतिथियों एवं साहित्यकारों ने सराहा।
सम्मेलन में भारत और भूटान की अनेक विशिष्ट एवं गरिमामय विभूतियों की उपस्थिति रही। भूटान ब्रॉडकास्ट के पदाधिकारी श्री हरि मनका राय और भूटान के साहित्यकार श्री अच्युत धीमेर, भारत के वरिष्ठ साहित्यकार श्री वीरेन्द्र सिंह वीर समेत कई प्रतिष्ठित विभूतियों के नाम शामिल हैं।
नीलम ‘बावरा मन’ को इन प्रतिष्ठित अतिथियों के साथ मंच साझा करने का अवसर भी प्राप्त हुआ और उनके कर कमलों से साहित्य शिरोमणि सम्मान भी प्राप्त हुआ।
सम्मेलन के दौरान मिले इस सम्मान और स्नेह के लिए नीलम ‘बावरा मन’ ने श्री हरेंद्र हर्ष जी एवं श्री राजपाल यादव महोदय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भूटान की धरती पर साहित्य और संस्कृति के इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना उनके साहित्यिक जीवन का एक अविस्मरणीय और गौरवपूर्ण अवसर है।
नीलम ‘बावरा मन’ पिछले 27 वर्षों से प्रतिष्ठित मीडिया ग्रुप ‘इंडिया टुडे’ से जुड़ी रही हैं और साहित्य के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय हैं। उनकी तीन काव्य पुस्तकें ‘उलझी राहें’, ‘भीगे ख़्वाब’ और ‘चलते किनारे’ प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और जीवन के विविध रंगों की अभिव्यक्ति दिखाई देती है।




