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नवाचारों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत : मंत्री लोढ़ा

 

मुंबई। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता में राज्य के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने तथा महाराष्ट्र के युवा नवाचारकर्ताओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के अंतर्गत रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय और महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MACCIA) के अंतर्गत कार्यरत ‘गाँव वहाँ उद्यमी इनक्यूबेशन काउंसिल’ (GTUIC) के बीच आज मंत्रालय में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि राज्य सरकार नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के मार्गदर्शन में राज्य के जमीनी स्तर पर होने वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करना और ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के तकनीक-आधारित प्रभावी समाधान खोजना इस समझौते का मुख्य उद्देश्य है। इस पहल के अंतर्गत पूरे महाराष्ट्र में, विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में, अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं संभावित उद्यमियों तक पहुँचकर उन्हें मार्गदर्शन और तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “इस समझौते के माध्यम से राज्य के युवाओं के नवाचारपूर्ण विचारों और स्टार्टअप्स को उचित दिशा देने का कार्य किया जाएगा। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को एक मंच पर लाकर उन्हें उद्योग जगत से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक सोच को व्यावसायिक स्वरूप देना हमारी नीति है। इस सहयोग से महाराष्ट्र के उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी। राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों तक पहुँचकर उन्हें ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के बारे में जानकारी दी जाएगी। चयनित नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स को विशेषज्ञों के माध्यम से मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और उपयुक्त मंच उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें सक्षम उद्यमियों के रूप में विकसित करना हमारा लक्ष्य है। इस समझौता ज्ञापन से राज्य में सतत विकास, नवाचार और रोजगार सृजन की प्रक्रिया को और गति मिलेगी।” उन्होंने इस अवसर पर यह विश्वास व्यक्त किया। महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MACCIA) के अंतर्गत कार्यरत ‘गाँव वहाँ उद्यमी इनक्यूबेशन काउंसिल’ के अध्यक्ष रवींद्र माणगावे ने कहा कि यह पहल महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को रोजगार तलाशने वालों के बजाय रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक युवा, महिलाएँ और स्थानीय कारीगर ऐसे हैं, जिनके पास व्यवसाय शुरू करने की क्षमता और नए विचार हैं। हालाँकि, उचित मार्गदर्शन, पूँजी, तकनीक, बाजार और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध न होने के कारण उनके व्यवसायों के विस्तार में बाधाएँ आती हैं। इस अंतर को दूर करने के लिए संस्था गाँव स्तर से लेकर जिला और राज्य स्तर तक कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संस्था महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में चरणबद्ध तरीके से जिला स्तर पर उद्योग संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और प्रत्यक्ष रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए संस्था अधिकतम सहयोग प्रदान करेगी।
इस अवसर पर कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर तथा महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर के अंतर्गत कार्यरत ‘गाँव वहाँ उद्यमी इनक्यूबेशन काउंसिल’ के अध्यक्ष रवींद्र माणगावे ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आशिष पेडणेकर, करुणाकर शेट्टी, शिवाजी मानकर, शिखर जैन, रामेश्वर पवार, सुरेश घोरपडे, अण्णासाहेब पाटील, दिवाकर केसकर, अधिवक्ता रिचा पाठक, अक्षता भांबले, विशाल बंडगर और जितु चव्हाण उपस्थित थे।

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