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उद्धव सेना से उत्तर भारतीयों का मोह भंग,पद के साथ सम्मान भी दे रही शिंदे सेना

 

– शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार

मुंबई। हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे हमेशा समग्र हिंदू समाज को एक साथ लेकर चलते थे और हमेशा हिंदू समाज के लिए ढाल बनकर खड़े होते थे। यही कारण था कि गैर मराठी हिंदू समाज भी उनसे पूरी तरह से प्रभावित रहा। बाबरी मस्जिद गिरने के बाद जिस तरह से उन्होंने ताल ठोंककर मस्जिद गिराने की जिम्मेदारी ली थी, उससे देश भर का हिंदू समाज उन्हें अपना हीरो मानने लगा था। उनके उत्तराधिकारी के रूप में उद्धव ठाकरे ने उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। यही कारण था कि उत्तर भारतीय समाज के अनेक बड़े चेहरे उनकी पार्टी से जुड़ते गए। परंतु उनके द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों को लेकर उत्तर भारतीय समाज के बीच उनकी पार्टी को लेकर साफ नाराजगी दिखाई देने लगी। मराठी भाषा के नाम पर जिस तरह से उत्तर भारतीयों को अपमानित होना पड़ा,उसे देखते हुए उत्तर भारतीय नेताओं का उद्धव सेना से पूरी तरह से मोह भंग हो गया। दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हमेशा आगे बढ़कर उत्तर भारतीय समाज का खुलकर साथ दिया। यही कारण था कि शिवसेना की विचारधारा के लोग उद्धव सेना से हटाने के बाद उनकी पार्टी से जुड़ गए। एकनाथ शिंदे ने न सिर्फ पार्टी में उनका स्वागत किया अपितु उन्हें पद और सम्मान भी दिया। उत्तर भारतीय समाज के बड़े चेहरों के रूप में संजय निरुपम को शिंदे सेना में राष्ट्रीय प्रवक्ता ,आनंद दुबे को राष्ट्रीय प्रवक्ता, गुलाबचंद दुबे को राष्ट्रीय प्रवक्ता व शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन महाराष्ट्र का प्रदेश अध्यक्ष, जयप्रकाश सिंह को शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन महाराष्ट्र का कार्याध्यक्ष और मुंबई अध्यक्ष, संतोष सिंह को उत्तर भारतीय संगठन महाराष्ट्र का मुंबई उपाध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण पद दिया गया है। इसके अलावा अनेक उत्तर भारतीयों को अनेक बड़े पद दिए गए हैं। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी में उत्तर भारतीयों की भीड़ होने के बावजूद बहुत ही कम संख्या में उन्हें महत्वपूर्ण पद दिया गया है, वहीं शिंदे सेना ने उत्तर भारतीय नेताओं के लिए लाल कारपेट बिछा दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में एकनाथ शिंदे की सेना अत्यंत मजबूत होती दिखाई दे रही है। अकेले हम मीरा भायंदर की बात करें तो यहां भी विक्रम प्रताप सिंह, विद्या शंकर चतुर्वेदी, संदीप तिवारी, विजय राय जैसे अनेक उत्तर भारतीयों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

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