यादों के झरोखे – -भूमिका शर्मा शिक्षिका और लेखिका ग्वालियर (मध्यप्रदेश)
यादों के झरोखे मैं याद आ गया वह पल।वह अपनो के साथ का सुकून का पल।जब परिवार के साथ बीते वह हसीन सफर के पल।
वह प्रीत और स्नेह के पल।वह यादगार जीवन अपनों के संग। वह संबंध अटूट विश्वास का।वह पल जीवन के चैन का।
वह संबंध आत्मीयता का।जब खुशहाल जीवन के पल का संग याद है मुझे।वह मुस्कराहट मेरे चेहरे की।खुशियों की रौनक उस मुस्कराहट में।
अपना सुख अपने परिवार के साथ। कुछ खास है अपने परिवार के साथ बिताये हुए कुछ सुख के पल।
वह एहसास अपनों के संग है खास। वह पल बन गये जीवन की शान।करूणा की महक।जीवन का इकरार। वह खुशी के पल की सौम्यता और सुगंध।
वह अनमोल पल में मिला प्यार और दुलार।वह जीवन की सुंदरता।वह मधूर पल में परिवार का संग और सफर।
अपनों के साथ का जुड़ाव है परिवार के साथ पिकनिक के पल।वह पुष्प सी बहार है सच्चे रिश्तों का बंधन। वह मुस्कराहट के पल के साथ का जुड़ाव। है परिवार के साथ पिकनिक।
- -भूमिका शर्मा
शिक्षिका और लेखिका
ग्वालियर (मध्यप्रदेश)




