भगवान देवनारायण- -डॉ. दक्षा जोशी’निर्झरा’ अहमदाबाद, गुजरात।

भगवान देवनारायण गुर्जर समाज के प्रमुख आराध्य देव और भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा में इनकी विशेष मान्यता है। लोक मान्यताओं के अनुसार, इनका जन्म विक्रम संवत 968 (माघ शुक्ल सप्तमी) को मालासेरी डूंगरी, भीलवाड़ा में हुआ था। इनके पिता सवाई भोज और माता साढू बाई थीं।
वे बचपन से ही वीर, न्यायप्रिय और गौ-भक्त थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और अत्याचारों का विरोध कर सत्य, न्याय और धर्म की स्थापना की। उनकी याद में हर वर्ष माघ शुक्ल सप्तमी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जिस पर राजस्थान सरकार राजकीय अवकाश घोषित करती है।
अजमेर का ‘देवमाली’ उनका प्रसिद्ध मुख्य मंदिर है। उनकी यशोगाथा को दर्शाती ‘देवनारायण की फड़’ अत्यंत लोकप्रिय है। उनका जीवन हमें सत्य, गौ-सेवा, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकता का संदेश देता है। वे केवल लोक देवता नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु हैं।
-डॉ. दक्षा जोशी’निर्झरा’
अहमदाबाद, गुजरात।




