रेवड़ी बांटने का काम -विनोद कुमार शर्मा

जरा सोचिए DRDO और इसरो को मिलाकर चौबीस हजार करोड़+तेरह हजार करोड़ से अधिक बजट महाराष्ट्र लाड़ली बहिना योजना का बजट मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को ही लें तो इतना पैसा गैर योजना खर्चों में तेईस हजार पांच सौ करोड़ मध्यप्रदेश को तेईस हजार आठ सौ बयासी करोड़ का बजट प्रावधान वर्ष 2026 के लिए किसान सहायता राशि को सर्वसम्मति से अन्नदाताओं की मदद के तौर पर न जोड़ा जाय और महिलाओं की उज्ज्वला योजना भी आवश्यक मानी जा सकती इसरो में वेतन भत्तों की कमी कार्य की अधिकता से एक सैकड़ा कर्मचारी नौकरी छोड़ने का मन बना चुके जो चिंता का विषय है
कुछ राज्यों में बिजली पानी फ्री की स्कीमें चल रही इनका बजट भी जोड़ा जाय तो कुल मिलाकर जीडीपी में कितना योगदान हो सकता कितने स्कूल अस्पताल खोले जा सकते सेना और पुलिस शिक्षकों के कितने पद भरे जा सकते आवारा पशुओं गौ माताओं को गौशालाएं विकास की राह को रोकने में इन फ्री की रेवड़ियों का कितना असर पड़ता कोई नहीं बताएगा।
लाड़ली बहिनाओं को सहायता के तौर पर इसी बजट से कोई नौकरी दी जा सकती या स्व सहायता समूह जिनकी आवधिक आवश्यक निगरानी तंत्र विकसित कर जिससे उत्पादन बड़े विकास में योगदान भी हो बेरोजगारी के आंकड़े भी कुछ तो कम हों जैसे लोकप्रिय कदम उठाए जा सकते हैं।
विनोद कुमार शर्मा




