संघर्ष से साहित्यिक शिखर तक पहुंचीं सीमा पुरबा ‘सिम्मी’, मिला महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान

लखनऊ। गाजियाबाद की सुप्रसिद्ध कवयित्री, समाजसेविका, कुशल संचालक, शिक्षिका एवं मोटिवेशनल स्पीकर सीमा पुरबा ‘सिम्मी’ को लखनऊ स्थित हिंदी संस्थान में ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान निहारिका साहित्य मंच एवं कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से आयोजित चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह में प्रदान किया गया।समारोह में साहित्य, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली देश-विदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मंच की संस्थापिका रीमा सिन्हा और अध्यक्ष अजीज सिद्दीकी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित समारोह भव्य और गरिमामय रहा। देश-विदेश से आए साहित्यकारों एवं विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति से सभागार गौरवान्वित हुआ।
सम्मान प्राप्त करते समय सीमा पुरबा ‘सिम्मी’ की आंखें सजल हो उठीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मातारानी की असीम कृपा और बड़ों के आशीर्वाद का परिणाम है। आज अपने जीवन का हर संघर्ष उन्हें छोटा लग रहा है। यह सम्मान उन्हें निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह उनकी साहित्यिक साधना की मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
संघर्षों से गढ़ी साहित्यिक पहचान
सीमा पुरबा ‘सिम्मी’ का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। नेपाल सीमा के निकट स्थित फारबिसगंज से उनका संबंध है। कम उम्र में उनका विवाह गाजियाबाद निवासी जगदीश पुरबा से हुआ। विवाह के बाद भी उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी और नर्सरी टीचर ट्रेनिंग, बीएड तथा सीटेट जैसी योग्यताएं हासिल कीं। दिल्ली के एक विद्यालय में करीब 15 वर्षों तक शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं।गंभीर बीमारी के कारण उन्हें अनिच्छा से विद्यालय छोड़ना पड़ा। इसके बाद उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। लेखन में रुचि को उन्होंने अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया और कविताओं के माध्यम से अपनी साहित्यिक यात्रा शुरू की। उनकी रचनाएं विभिन्न साझा काव्य संग्रहों में शामिल हुई हैं। कई सम्मान उनके नाम हैं तथा उनकी कविताएं समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।सीमा पुरबा ‘सिम्मी’ ऑनलाइन और ऑफलाइन साहित्यिक आयोजनों में सक्रिय रहती हैं। उनके प्रभावशाली मंच संचालन और भावपूर्ण काव्य पाठ की अपनी अलग पहचान है। उनका गरिमामय व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और प्रस्तुति शैली साहित्यिक मंचों पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।Uमहादेवी वर्मा जैसी महान साहित्यिक विभूति के नाम पर प्राप्त ‘महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान 2026’ सीमा पुरबा ‘सिम्मी’ की साहित्यिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। यह उपलब्धि उनके परिवार और समाज के लिए भी गर्व का विषय है।
उनकी साहित्यिक साधना निरंतर आगे बढ़ती रहे और उनकी लेखनी समाज एवं देश को सकारात्मक दिशा देती रहे, इसी शुभकामना के साथ सीमा पुरबा ‘सिम्मी’ को महादेवी वर्मा विश्व भूषण सम्मान 2026 एवं विशिष्ट सम्मान प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।




