भजनों के रंग : भक्तों के संग कार्यक्रम में गूंजे भक्ति के स्वर

नानालाल आचार्य
इंडिया जागरण टुडे
उदयपुर। स्वरांजलि म्यूजिक ग्रुप की ओर से रविवार को मंगल व्यू रिसोर्ट में “भजनों के रंग : भक्तों के संग” भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप के गायकों ने भगवान के भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
ग्रुप संस्थापक विकास स्वर्णकार ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता गजेंद्र सोनी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेपी जोशी, मार्केटिंग हेड, मेडि सेंटर तथा विशिष्ट अतिथि धीरज शर्मा, निदेशक, सरिदम म्यूज़िक एकेडमी थे। सह संस्थापक योगेश उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्या सारस्वत की गणपति स्तुति से हुआ। इसके बाद क्रमशः नूतन वेदी ने “मेरी झोपड़ी के भाग आज”, अनिता शर्मा ने “मैली चादर ओढ़ के कैसे”, दिव्या सारस्वत ने “राधे कौन से पुण्य किया तूने”, निखिल माहेश्वरी ने “मेरा आपकी कृपा से”, विश्वा पंड्या ने “विनती सुनिए नाथ हमारी”, योगेश उपाध्याय ने “साथी हमारा कौन बनेगा”, विकास स्वर्णकार ने “साईं नाथ तेरे हजारों हाथ” गाकर माहौल भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात गजेंद्र सोनी ने “जब कोई नहीं आता मेरे दादा”, गौरव स्वर्णकार ने “हे रामचंद्र कह गए सिया से”, मोहन सोनी ने “कीर्तन की है रात बाबा”, क्षितिज चुलेट ने “श्याम रंग रंग रहे”, सुशील वैष्णव ने “जग में सुंदर है दो नाम”, विष्णु वैष्णव ने “भगवान मेरी नैया उस पार”, प्रीति माथुर ने “बड़ा नटखट है रे”, मुकुल कुमावत ने “जब जिद पे आ गई पार्वती”, पुष्कर नायक ने “ओ भोले शंकर पधारो”, उमेश माली ने “तेरे द्वार खड़ा भगवान” तथा मुख्य अतिथि जेपी जोशी ने “सुन ले पुकार मेरी” की भावभीनी प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम संयोजक मोहन सोनी ने भजनों एवं भगवान से संबंधित रोचक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की। प्रश्नोत्तरी में सही उत्तर देकर पुष्कर नायक एवं अनीता शर्मा विजेता रहे। अंत में अरविंद थापा ने हारमोनियम पर- “सांसों की माला में सिमरु में पिया का नाम” धीरज शर्मा ने -“मीठे रस से भरियो री राधा रानी…” और मोहन सोनी ने- “भरवा दे रे नंद जी रा लाल…” गाकर सभी उपस्थित दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया। मंच संचालन नूतन बेदी एवं मोहन सोनी ने किया, संपूर्ण कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी एवं फोटोग्राफी गौरव स्वर्णकार के जिम्मे रही। प्रस्तुतियों को उपस्थित संगीतप्रेमियों ने खूब सराहा। समापन स्नेह भोज के साथ हुआ।




