आगरा की कथाकार मीरा परिहार मंजरी मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित
नारी जीवन संघर्ष और करुणा के चक्र से संचालित होता है - कल्पकथा परिवार

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि आगरा उप्र की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मीरा परिहार मंजरी को मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित करने हुए कल्पकथा संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने कहा कि समाज में नारी जीवन संघर्ष और करुणा के चक्र से संचालित होता है दुनियां की हर संघर्ष के इतिहास में शोषण और अपमान की पहली शिकार नारी होती है जबकि वह इतनी करुणामई होती है कि परिवार और समाज के लिए स्वयं पर हुए घृणित अत्याचार को भी क्षमा कर देती है।
बसंत विहार दिल्ली के विद्वान साहित्यकार अतुल कुमार खरे के कुशल संचालन में कल्पकथा साहित्य संस्था के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के समीक्षा एवं समालोचना के विशेष प्रारूप के आयोजन में साहित्य सेवारत प्रबुद्ध साहित्यकार श्रीमती परिहार ने स्वरचित भावपूर्ण कहानियों सुहाग पिछौरा, और भागीरथी से एक तरफ तो नारी जीवन के संघर्ष की बानगी प्रस्तुत की वही दूसरी तरफ समाज में व्याप्त बुराइयों पर भी करारा प्रहार किया।
दिल्ली से जुड़ीं समीक्षक हिन्दी आचार्य श्रीमती एकता सिंह जी, एवं हैदराबाद तेलंगाना से जुड़े समालोचक श्री चंद्र प्रकाश गुप्ता चन्द्रबुंदेला जी की विशिष्ट भूमिकाओं से सजे कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव १५०वें वर्ष में अमर बलिदानियों के सम्मान में वन्दे मातरम् का गायन किया गया तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों को आभार प्रकट करने बाद सर्वे भवन्तु सुखिन: श्लोक पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।




