गायत्री परिवार:संकल्प होंगे साकार, युग निर्माण योजना लेगी आकार -तैयार होगा शताब्दी अनुष्ठान संकल्प प्रगति प्रतिवेदन

जयपुर। गायत्री परिवार की ओर से मनाए जा रहे जन्म शताब्दी वर्ष- 2026 में लिए गए संकल्पों को धरातल पर साकार करने की दिशा में अब जिलों में किए गए कार्यों का लेखा-जोखा तैयार होगा। इस संबंध में शांतिकुंज हरिद्वार से गायत्री परिवार प्रमुख शैलबाला पंड्या ने राजस्थान के सभी उपजोन, जिला एवं तहसील समन्वयकों को निर्देश जारी किए हैं। जिलों से प्राप्त विवरण के आधार पर ‘शताब्दी अनुष्ठान संकल्प प्रगति प्रतिवेदन’ तैयार कर शांतिकुंज भेजा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में हरिद्वार में आयोजित जन्मशताब्दी समारोह में राजस्थान के सभी जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में 13 आंदोलनों को गति देने के संकल्प लिए थे। अब इन संकल्पों में धरातल पर हुए कार्यों और अभी शेष कार्यों का विवरण जुटाया जाएगा। सभी जिलों से विवरण प्राप्त कर 10 अक्टूबर तक राजस्थान जोन कार्यालय, शांतिकुंज भेजा जाएगा।
इन कार्यक्षेत्रों पर मांगी है प्रगति रिपोर्ट:
राजस्थान जोन समन्वयक गौरीशंकर सैनी ने ने बताया कि जिला स्तर पर तैयार होने वाली रिपोर्ट में तहसील एवं ब्लॉक समन्वय समितियों के पुनर्गठन, संजीवनी साधना प्रशिक्षण के लिए समयदानी कार्यकर्ताओं की उपलब्धता तथा ‘श्रद्धा-कौशल संवर्धन’ प्रशिक्षण में गठित टोलियों की जानकारी ली जा रही है। इसके साथ गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ, देवस्थापना एवं देवदंपति पंजीयन तथा 3, 5, 9 एवं 11 कुंडीय यज्ञों की संख्या भी दर्ज की जाएगी।
रिपोर्ट में ‘मां भगवती स्मृति उपवन’ एवं वृक्षारोपण के तहत लगाए गए पौधों की संख्या, ‘शताब्दी साधना अभियान’ से जुड़े साधकों की संख्या और पत्रिकाओं के पाठक-सदस्य बढ़ाने के प्रयासों का विवरण भी शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम, कॉलोनी, अपार्टमेंट एवं सोसायटी स्तर पर संगठन विस्तार के लिए ली गई जिम्मेदारियों तथा नशामुक्ति आंदोलन के तहत नशामुक्त किए गए लोगों की संख्या भी मांगी गई है।
इसी क्रम में गायत्री शक्तिपीठ एवं प्रशासकीय संस्थानों द्वारा अपने आसपास के कार्यक्षेत्र के निर्धारण तथा प्रज्ञा, महिला एवं युवामंडलों के गठन-पंजीयन की जानकारी भी जुटाई जाएगी। मंडल संचालकों के नाम, मोबाइल एवं अन्य आवश्यक विवरण अलग से संलग्न करने के निर्देश हैं। जिले में जन्मशताब्दी संकल्पों के संदर्भ में किए गए किसी अन्य विशेष उल्लेखनीय कार्य का विस्तृत विवरण भी रिपोर्ट के साथ भेजा जा सकेगा।
दिल्ली में प्रस्तुत होगी उपलब्धियों की रिपोर्ट:
शांतिकुंज की ओर से प्राप्त विवरण का राष्ट्र स्तर पर संकलन किया जाएगा। आगामी 31 अक्टूबर, 1 एवं 2 नवंबर को दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में जन्मशताब्दी वर्ष में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा आगे के लिए नए संकल्प दिलाए जाएंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान में भी आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार होगी।




