वाहन पार्किंग के लिए पथ विक्रेताओं की बेदखली, उनके पेट पर लात मारने जैसा कदम

उदयपुर, 5 जुलाई ! मुखर्जी चौक में पीढ़ियों से फुटपाथ पर सब्जी एवं फल बेच अपना गुजारा करने वाली महिलाओं को वाहन पार्किंग के लिए बेदखल करना उनके पेट पर लात मारने जैसा है ! यह विचार ठेला व्यवसायी मजदूर यूनियन के संरक्षक और पूर्व पार्षद सीटू जिलाध्यक्ष राजेश सिंघवी ने ठेला व्यवसायी मजदूर यूनियन की संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद निजाम की अध्यक्षता रविवार को शिराली भवन में हुई बैठक में व्यक्त किये!
सिंघवी ने कहा की पथ विक्रेता अधिनियम, 2014 अनुसार विकास के नाम पर या यातायात बाधा के नाम पर पथ विक्रेताओं को बेदखल करने का कोई अधिकार नहीं है लेकिन नगर निगम के आयुक्त सरकार एवं भाजपा नेताओं के इशारे एवं उनकी “गुड बुक” में आने के लिए यह अवैध कार्रवाई कर रहे हैं ! उन्होंने कहा कि वाहन पार्किंग के लिए रोजगार पर लगे लोगों की बेदखली “घर को तोड़ चौतरा बनाने जैसी” कहावत को चरितार्थ करता है! उन्होंने कहा कि यह “विकास नहीं विनाश” है, जिसमें एक भी व्यक्ति बेरोजगार होता है!
बैठक में यूनियन के पूर्व अध्यक्ष गुमान सिंह राव ने कहा कि मुखर्जी चौक सब्जी मंडी पर पीढीयो से महिलाएं शांतिपूर्ण अपना रोजगार कर उदयपुर की जनता की सेवा कर रही है जिन्हें सम्मानित करने की जगह उन्हें प्रताड़ित कर अपमानित किया जा रहा है, जिसे हर मेहनतकश को विरोध करना चाहिए! उन्होंने कहा कि ठेला व्यवसायी मजदूर यूनियन इस अमानवीय कार्यवाही के खिलाफ संघर्ष करेगी!
बैठक में नेशनल होकर फेडरेशन के राज्य संयोजक याकूब मोहम्मद ने कहा कि उदयपुर पूरे शहर में सड़के सकरी हो यातायात की समस्या है तो क्या मालदास स्ट्रीट,धान मंडी , घंटाघर जैसी जगहों को भी तोड़कर वहां भी वाहन पार्किंग बनाई जाएगी ! उन्होंने कहा कि पथ विक्रेता अधिनियम की भावना अनुसार नगर निगम को सुरक्षित बाजार के रूप में मुखर्जी चौक की मंडी को विकसित कर उसे हेरिटेज रूप देना चाहिए! उन्होंने नारा दिया कि “जो जगह सरकारी है वह जगह हमारी है “!
बैठक में सीटू के सचिव हीरालाल सालवी ने कहा कि आज भाजपा सरकार प्रशासन के द्वारा हर मेहनतकश के रोजगार पर हमला कर रही है और हिंदू मुसलमान का खेल, खेल रही है जिसका हमें विरोध करना चाहिए !,उन्होंने कहा कि सभी ठेला फुटपाथ व्यवसायी को लाइसेंस देने की जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन नगर निगम अपनी जिम्मेदारी से हटकर बेदखली की कार्रवाई कर रहा है!
बैठक को संबोधित करते हुए टाउन वेडिंग कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुमावत ने कहा कि नगर निगम अपने लाइसेंस, प्रमाण पत्र, सर्वे की कदर नहीं करता और पथ विक्रेताओं को बेदखल है ! उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा अवेध रूप से ठेला सामान जप्त कर “अभी ठेला सामान नहीं छूटेंगे और टूटेंगे ” की धमकी दी जाती है! कुमावत ने कहा कि गौरव पथ के नाम पर भी उदयपुर शहर की मुख्य सड़कों से पथ विक्रेता को बेदखल किया जा रहा है तो क्या “गरीब गौरव पथ पर धब्बा है, जो इस नाम पर उन्हें हटाया जा रहा है”! उन्होंने कहा कि टाउन वेडिंग कमेटी ने मुखर्जी चौक पर व्यवसायरत इन महिलाओं को मंडी के अंदर शिफ्ट करने का कोई निर्णय नहीं लिया लेकिन नगर निगम आयुक्त अपने अधिकारों का अतिक्रमण करते हुए टाऊन वेंडिंग कमेटी को दरकिनार कर उदयपुर के गरीब लोगों के जीवन को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं!
यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद निज़ाम ने कहा कि एक तरफ तो पथ विक्रेताओं को पी एम स्व निधि के नाम पर 1 लाख रुपये तक लोन दिये जा रहे है लेकिन दूसरी तरफ उन्ही पथ विक्रेताओं को बेदखल किया जा रहा है! उन्होंने कहा कि पथ विक्रेता अधिनियम में टाउन वेंडिंग कमेटी में ही पथ विक्रेताओं को शिफ्टिंग का निर्णय किया जा सकता है लेकिन इस तरह का कोई निर्णय नहीं हुआ!
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन की सचिव रानू सालवी ने कहा कि इस तरह की बेदखली का सबसे ज्यादा खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ता है! उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन निर्दयी और तानाशाह हो चुका है जो अपने को कानून से ऊपर समझता है, और सत्ताधारी नेता भी भ्रष्ट और लचर होने के कारण अधिकारियों के सामने चुप रहते हैं या उन्हें समर्थन करते हैं ! उन्होंने कहा कि नगर निगम के कार्यरत सी आई मांगीलाल ने उदयपुर के गरीबों और पथ विक्रेताओं को बर्बाद करने की सुपारी ले रखी है!
बैठक में यूनियन के सचिव मोहम्मद शाहिद ने कहा कि पथ विक्रेता कानून में पथ विक्रेताओं को कहीं पर भी अतिकृमि नहीं कहा गया है लेकिन सत्ताधारी नेता एवं प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं! उन्होंने कहा कि नगर निगम सर्वे नहीं करता और प्रमाण पत्र नहीं देता , इसके लिए पथ विक्रेता जिम्मेदार नहीं है !
इस अवसर पर टाऊन वेंडिंग कमेटी के सदस्य बंसीलाल चौहान ने कहा कि एक ठेले वाले पर हमला पूरे उदयपुर के ठेले वालों पर हमला है ! भाजपा के राज में उदयपुर में हजारों गरीबों के मुंह से निवाला छिना गया है! उन्होंने कहा कि कमेटी की बैठक हर दो माह में एक बार करने का नियम है लेकिन पिछले 3 साल में मात्र पांच बार ही यह बैठक हुई है , उसमें भी टाउन वेंडिग कमेटी के सदस्यों को नहीं सुना जाता है!
बैठक में मंगलवार को जिला कलेक्टर, उदयपुर और संभागीय आयुक्त को मिलकर उन्हें ज्ञापन देकर नगर निगम उदयपुर से पथ विक्रेता कानून की पालना करने और मुखर्जी चौक से बेदखल किए गए पथ विक्रेताओं को वहीं पर व्यवसाय करने देने की मांग करने का निर्णय लिया गया! साथी उदयपुर में पथ विक्रेता कानून की पालना करने और किसी को भी बेदखल नहीं कर पथ विक्रेताओं के कल्याण करने के नियम लागू करने के लिए भी 10 अगस्त 2026 को जेल भरो आंदोलन करने का भी निर्णय लिया गया!
इस अवसर पर विनोद दया, ईश्वरलाल, मोहम्मद अहसान, रौनक, अमजद शेख, रघुनाथ सिंह आदि भी मौजूद थे!




