नशा: युवा पीढ़ी के भविष्य और समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा – रेनू संजय अनवरिया फतेहाबाद (आगरा)

अरुण शर्मा की रिपोर्ट
नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है जिससे न केवल नशा करने वाले व्यक्ति बल्कि उनके साथ-साथ उनके परिवार, समाज व राष्ट्र की भी हानि होती हैl नशे करने वाले अपने परिवार को परेशान करते हैं, इसके साथ ही साथ वह नशा करने के लिए अनेक आपराधिक घटनाओं को अंजाम भी देते हैंl यदि आप जेल में कैदियों से पूछते हैं, कि उनसे यह अपराध कैसे हुआ? उनसे बातचीत करने पर पता लगता है कि समाज में 90% अपराध शराब के नशे में ही होते हैं!
आज की युवा पीढ़ी ज्यादातर नशे के रास्ते पर चली जा रही है इसका सबसे बड़ा कारण यह है युवा पीढ़ी फिल्में सबसे ज्यादा देखती है और आज हमारी फिल्मों में हीरो को शराब पीते और सिगरेट पीते हुए, प्रत्येक फिल्म में जरूर दिखाते हैंl जिससे हमारे युवा बच्चे उनसे प्रेरित होकर नशा करना सीखते हैं। और तो और फिल्मी कलाकार पैसों के लिए गुटका, सुपारी आदि का भी ऐड करते हैं और साथ ही साथ बड़े-बड़े बैनर जगह-जगह होल्डर फिल्मी हीरो का लगवाते हैंl इंजीनियरिंग, डॉक्टरी आदि अनेको कॉलेज में नशा करना आज के बच्चे गर्व मानते हैं। फिल्मी हीरो से प्रेरित होकर आज के बेटा- बेटी नशा करते हैंI कोई भी व्यक्ति कुछ हजार या कुछ लाख की गाड़ी में गंदे नाले का पानी नहीं डाल सकता, तो वह फिर अपने करोड़ों के शरीर में गंदा शराब का पानी कैसे डालते हैं? यह प्रत्येक व्यक्ति को समझना होगाl कुछ फिल्मी कलाकार और क्रिकेटर तो पैसे कमाने के लिए जुआ का भी ऐड करते हैं ,जिससे हजारों घर तबाह हो जाते हैं और लोग आत्महत्या तक कर लेते हैंl हमें बचपन से ही अपने बच्चों के दिमाग में यह डालना होगा, फिल्मी हीरो असली हीरो नहीं हैl बल्कि हमारे असली हीरो सुभाष चंद्र बोस, सरदार भाई पटेल, वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, भगत सिंह, झांसी की रानी लक्ष्मी बाई आदि हैl हमें अपने बच्चों को वीरों की कहानी से प्रेरित करना होगाl सभी समाज सेवकों को ऐसी फिल्मों पर पाबंदी लगवानी चाहिए, जिसमें हीरो को शराब पीते सिगरेट पीते हुए दिखाते हैंI
अध्यक्ष रेनू संजय अनवरिया फतेहाबाद (आगरा)




