जयपुर में गीता सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारम्भ, गीता जन जागरण यात्रा से गूंजा पूरा क्षेत्र
प्रथम दिवस अर्जुन विषाद योग की हुई सरल एवं विस्तृत व्याख्या

जयपुर, 23 जून 2026।विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, जयपुरम्, राजस्थानम् के तत्वावधान में प्राचीन शिव हनुमान मंदिर, श्री राम गोशाला, बाबा लाल दास जी की बगीची, जगन्नाथ पुरी, काँटा चौराहा, झोटवाड़ा, जयपुर में आयोजित सप्तदिवसीय गीता सप्ताह ज्ञान यज्ञ का मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ भव्य शुभारम्भ हुआ। यह आध्यात्मिक आयोजन 23 जून से 29 जून 2026 तक द्वितीय ज्येष्ठ शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातःकाल भव्य गीता जन जागरण यात्रा के साथ हुआ। श्री राम गोशाला से प्रारम्भ हुई यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए प्राचीन शिव हनुमान मंदिर, बाबा लाल दास जी की बगीची पहुँची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, नृत्य एवं धार्मिक जयघोषों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया तथा जलपान की व्यवस्था भी की गई। पूरे मार्ग में गीता पढ़ो, आगे बढ़ो के उद्घोष निरंतर गूंजते रहे।
सायंकालीन सत्र में आयोजित गीता स्वाध्याय एवं प्रवचन के अंतर्गत प्रथम दिवस गीता माहात्म्य, भूमिका, पूर्वपीठिका एवं अर्जुन विषाद योग की सरल, सारगर्भित एवं विस्तृत व्याख्या की गई। कथा व्यास एवं राष्ट्रीय गीता प्रवक्ता डॉ. विष्णु नारायण तिवारी (ग्वालियर) जो विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के केन्द्रीय महामंत्री हैं, ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने की दिव्य कला है। उन्होंने कहा कि अर्जुन विषाद योग जीवन में उत्पन्न होने वाले मोह, भ्रम, शोक एवं मानसिक संघर्षों से बाहर निकलने का मार्ग दिखाता है।
गीता व्यक्ति को आत्मविश्वास, विवेक, कर्तव्यबोध एवं सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम का आयोजन श्री श्री 1008 परम पूज्य महंत विष्णु दास जी महाराज नागा के संरक्षण एवं आशीर्वाद में संपन्न हो रहा है। आयोजन में शिवपुरी से पधारे केंद्रीय संगठन मंत्री विष्णु प्रसाद शर्मा धर्मेंद्र सिंह ने व्यवस्थाओं का दायित्व संभाला। स्थानीय पत्रकार प्रियंका माली मुन्ना भाई नारायण सोनी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।इस अवसर पर झोटवाड़ा जन चेतना समिति के अध्यक्ष धर्मराज सिंह जादौन सहित समिति के सदस्यों एवं मंदिर प्रांगण के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में कैलाश यादव, गुरुदयाल चौधरी, महेश कुमावत, गोविंद जांगिड़, नारायण सोनी, गोपाल सोनी, भाग सिंह, सत्यनारायण सोनी, किशन लाल सैनी, जगदीश मालपानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे।
आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक बाल संस्कार वर्ग तथा सायं 4 बजे से 7 बजे तक गीता स्वाध्याय एवं प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं। 25 जून को सामूहिक अखण्ड गीता पाठ एवं हवन तथा 29 जून को भगवद्गीता आधारित भव्य नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा। इस नाटिका का निर्देशन एवं अभिनय डॉ. उमेश वैद्य (सागर, मध्यप्रदेश) द्वारा किया जाएगा।
विश्वगीताप्रतिष्ठानम् ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों से इस आध्यात्मिक ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनकर श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है।




