वीबी जी राम जी को समाप्त करने की मांग — बेहतर मनरेगा को फिर से शुरू किया जाए- वृंदा करात

उदयपुर। जब वरिष्ठ माकपा (CPI(M)) नेता वृंदा करात ने उदयपुर जिले के आदिवासी गांव बारापाल में एक मनरेगा कार्यस्थल पर यह मांग उठाई, तो वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने कहा, “हमें काम ही नहीं मिल रहा है। वीबीजी राम जी लागू होने की घोषणा के बाद पिछले छह महीनों में हमें केवल 18 दिन का ही काम मिला है।”
महिलाएं सुबह 6:30 बजे से कार्यस्थल पर मौजूद थीं, लेकिन सुबह 10 बजे तक भी काम शुरू नहीं हो पाया। वहां मौजूद मेट (कार्य प्रभारी) ने बताया कि सरकारी सर्वर बंद था और जब तक प्रत्येक श्रमिक की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कर अपलोड नहीं हो जाती, तब तक काम शुरू नहीं किया जा सकता।
क्या महिलाओं के समय की कोई कीमत नहीं है? फिर भी ऐसी तकनीकी व्यवस्था को अनिवार्य बना दिया गया है। इसके साथ ही केवाईसी (KYC) से जुड़े कार्ड भी आवश्यक कर दिए गए हैं।
माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी, आदिवासी जनाधिकार एका मंच के सचिव श्रवण, तथा निर्माण मजदूर एकता यूनियन के अध्यक्ष शमशेर खान भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजस्थान के इस क्षेत्र के आदिवासी इलाकों में यही स्थिति व्यापक रूप से देखने को मिल रही है।




