Welcome to इंडिया जागरण टुडे   Click to listen highlighted text! Welcome to इंडिया जागरण टुडे
Uncategorized

आजाद महफ़िल’ के चतुर्थ वार्षिक महोत्सव एवं 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन।

सुनितात्रिपाठी’अजय जागरण टुडे संवाद

जयपुर। ‘आजाद महफ़िल’ का चतुर्थ वार्षिक महोत्सव एवं 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह 14 अगस्त 2026 को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित हुआ। साहित्य, संगीत और देशभक्ति से ओतप्रोत इस समारोह में विभिन्न रचनाकारों ने गीत, कविता और लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यम पाल सिंह ने की। अरुण सक्सेना मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन रविन्द्र सिंह ने किया। कुंती हरिराम मंच संस्थापिका तथा आशा हलधर मंच व्यवस्थापिका एवं संचालिका रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ शकुंतला द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद मयूरी ने ‘प्यार मिल जाए पिया का’ प्रस्तुत किया। अनिल ने ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’ तथा पंकज ने ‘ये लाल रंग कब मुझे छोड़ेगा’ की प्रस्तुति दी। सुनितात्रिपाठी’अजय ने मेहन्दी लगी म्हारे हाथा मैं व पूर्णिमा ने शहीदों को समर्पित ‘धरती माँ का, रूहों का मिलन’ प्रस्तुत कर वीरों को श्रद्धांजलि दी।
रवि ने ‘हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है’ और शशि ने ‘चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे’ प्रस्तुत किया। संचालक रविन्द्र सिंह ने ‘मेरे ख्यालों की महजबीं अब मेरे दिल से उतर गए हैं’ की प्रस्तुति से समां बांधा। इसी अवसर पर सत्यम पाल सिंह ने रविन्द्र सिंह के जन्मदिन पर विशेष रूप से रचित कविता ‘अपने मीत रविन्द्र’ प्रस्तुत कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
कुंती ने ‘लहू से सींची है इस वतन की मिट्टी’ तथा ‘आज तो जूनली रात माँ’ प्रस्तुत किया। कनकलता ने ‘अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं’ के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि अरुण सक्सेना ने वैदिक मंत्रों के साथ ‘प्रगतिशील हो चले हो, उन्नति पथ पर चले चलो’ का प्रेरणादायी संदेश दिया। आशा हलधर ने ‘हर खुशी हो वहाँ, तू जहाँ भी रहे’ प्रस्तुत किया, जबकि शकुंतला ने ‘पिया लुक करूँ, दिखा दे मनहे तीज’ के माध्यम से राजस्थानी लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।
समापन अवसर पर अध्यक्ष सत्यम पाल सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वतंत्रता, राष्ट्रप्रेम, साहित्य और संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
देशभक्ति गीतों, कविताओं और लोक प्रस्तुतियों से सजा यह आयोजन ‘आजाद महफ़िल’ के चतुर्थ वार्षिक महोत्सव को यादगार बनाते हुए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दे गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!