अनुभव केवल विद्वानों से ही नहीं, जीवन के हर व्यक्ति से मिलता है

हमेशा आलिमों से ही नहीं मिलते सबक़ सारे,
कभी कुछ जाहिलों से भी मग़ज़मारी ज़रूरी है
जीवन एक ऐसा विद्यालय है जहाँ हर दिन कोई न कोई नया पाठ पढ़ने को मिलता है। अक्सर हम यह मान लेते हैं कि केवल विद्वान, अनुभवी या शिक्षित लोगों से ही सीख मिल सकती है, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक है। कई बार जिन लोगों को हम कम समझदार या अनुभवहीन मानते हैं, वही अपने व्यवहार, अपनी गलतियों या अपने दृष्टिकोण से हमें ऐसी सीख दे जाते हैं जो किसी बड़ी किताब में भी नहीं मिलती।
समझदार व्यक्ति दूसरों की सफलताओं से सीखता है, जबकि दूरदर्शी व्यक्ति दूसरों की गलतियों से भी सीखने का प्रयास करता है। यदि हम केवल अच्छे उदाहरणों को ही देखेंगे तो हमारा अनुभव अधूरा रहेगा। जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह भी आवश्यक है कि हम गलत सोच, गलत निर्णय और गलत व्यवहार के परिणामों को भी समझें। इससे हम स्वयं उन भूलों को दोहराने से बच सकते हैं।
हर व्यक्ति हमारे जीवन में किसी न किसी उद्देश्य से आता है। कोई प्रेरणा देता है, कोई चेतावनी देता है और कोई यह सिखा जाता है कि हमें कैसा नहीं बनना चाहिए। इसलिए किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह महत्वहीन समझना उचित नहीं है। कभी-कभी किसी की एक छोटी-सी भूल हमें जीवन भर के लिए सावधान कर देती है।
आज समाज में लोग केवल ज्ञान की बातें सुनना चाहते हैं, लेकिन अनुभव का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति केवल अच्छी बातें सुनकर चलता है, वह अधूरा अनुभव लेकर आगे बढ़ता है। जबकि जो व्यक्ति अच्छाई और बुराई दोनों को समझकर निर्णय लेता है, उसका विवेक अधिक मजबूत होता है।
इसलिए जीवन में मिलने वाले हर व्यक्ति और हर परिस्थिति से कुछ न कुछ सीखने का प्रयास करना चाहिए। ज्ञान केवल पुस्तकों या विद्वानों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के हर अनुभव में छिपा होता है। यही दृष्टिकोण व्यक्ति को अधिक परिपक्व, संतुलित और सफल बनाता है।
नीलम सोनी ब्यावर




