श्री तारा एनक्लेव में जल्द नियुक्त होंगे आठ सफाई कर्मचारी, 21 सितंबर को अधिकारी करेंगे कालोनी का निरीक्षण

समालखा। लोकेश झा। नगर परिषद सचिव प्रिंस मेहंदीरत्ता ने श्री तारा एनक्लेव कालोनी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि जल्द ही कालोनी में आठ सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा 21 सितंबर को नगर परिषद के अधिकारी कालोनी का मौका मुआयना कर जनसमस्याओं को नोट करेंगे और उनके समाधान की रूपरेखा तैयार करेंगे।
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर की अगुवाई में आरडब्ल्यूए प्रधान सुभाष रमन, नगर पार्षद नरेश कौशिक, हरिंदर त्यागी, अजीत कुमार, सुमित शर्मा और आकाश दीप ने नगर परिषद सचिव प्रिंस मेहंदीरत्ता को स्मरण पत्र सौंपकर कालोनी की समस्याओं के समाधान की मांग की।
नगर पार्षद नरेश कौशिक ने कहा कि वह कालोनीवासियों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करवाने में कोई कमी नहीं आने देंगे।
आरडब्ल्यूए संरक्षक पीपी कपूर ने बताया कि गत 9 सितंबर को कालोनीवासियों ने नगर परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन कर 11 सूत्री मांग पत्र नगर परिषद सचिव को सौंपा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर आरडब्ल्यूए प्रतिनिधिमंडल ने दोबारा स्मरण पत्र सौंपकर अधिकारियों को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
इस पर नगर परिषद सचिव प्रिंस मेहंदीरत्ता ने बताया कि 21 सितंबर को सफाई कर्मचारियों की भर्ती का नया टेंडर खुलेगा। इसके बाद पहली अक्तूबर से कालोनी में सफाई व्यवस्था के लिए आठ सफाई कर्मचारी स्थायी तौर पर नियुक्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को ही नगर परिषद के अधिकारी कालोनी का निरीक्षण कर समस्याओं को नोट करेंगे और उनके समाधान की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
आरडब्ल्यूए प्रधान सुभाष रमन ने समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि आरडब्ल्यूए ने कालोनीवासियों के सहयोग से अपने खर्च पर प्रत्येक गेट पर सुरक्षा कर्मी और सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं तथा सफाई व्यवस्था भी स्वयं संभाल रखी है। उन्होंने बताया कि कालोनी के डेवलपर ने भी करोड़ों रुपये खर्च कर अधिकांश गलियों और नालियों का निर्माण करवाया है। इसके बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स और विकास शुल्क लेने के बाद भी नगर परिषद की ओर से कालोनीवासियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
मुख्य मांगें: कालोनी में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, सीवर पाइपलाइन बिछाना, पेयजल सप्लाई शुरू करना, कच्ची गलियों को पक्का करना, टूटी पुलिया व नालियों की मरम्मत, बंदरों व आवारा कुत्तों को पकड़ना, स्पीड ब्रेकर लगाना, स्टील बेंच रखवाना, शेष बचे क्षेत्र को अप्रूव करना तथा मच्छर मार दवा का छिड़काव करवाना।




