Uncategorized

अलीगढ़ की शिक्षाविद् डॉ. कंचन जैन को मिली विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि

अलीगढ़। साहित्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अतुलनीय योगदान के लिए अलीगढ़ की ख्याति प्राप्त शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. कंचन जैन को साहित्य के क्षेत्र में विद्या वाचस्पति की संयुक्त मानद डॉक्टरेट उपाधि से विभूषित किया गया है।
यह गौरवमयी सम्मान हिंदी दिवस, 14 सितंबर 2026 के अवसर पर संयुक्त गुरुकुल परिषद, सनातन अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक विश्वज्ञानालय एवं इंटरनेशनल एकेडमी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। यह सम्मान नीति आयोग, भारत सरकार में पंजीकृत संस्था द्वारा जारी किया गया है, जिसका नीति आयोग आईडी – DL/2026/1134355, एमसीए रजि. नंबर – U88900DC2026/NPL472569 तथा प्रमाण पत्र क्रमांक – ISU/VV/26004 है, जो इस उपाधि की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। हिंदी भाषा के उत्थान, शिक्षा, संस्कृति, कला तथा वैश्विक मानव उत्कृष्टता के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए यह सम्मान दिया गया है। यह सम्मान डॉ. कंचन जैन को साहित्य में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया है उन्होंने अब तक लगभग 100 से अधिक पुस्तकों का काव्य संकलन का  संपादन प्रधान संपादक के रूप में किया है जो की पूर्णता निशुल्क सेवा थी।
इस सम्मान की घोषणा के बाद से अलीगढ़ सहित पूरे साहित्य जगत में हर्ष का माहौल है।
प्रो. डॉ. टीकम सोनी, संस्थापक एवं अध्यक्ष, इंटरनेशनल एकेडमी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस ने कहा – “डॉ. कंचन जैन एक सशक्त लेखनी की धनी हैं। उनकी रचनाओं में समाज, संस्कार और संवेदना का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। वे निश्चित रूप से आज की नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण हैं। हम उन्हें हृदय से बधाई देते हैं।”
डॉ. पी. एल. किरकिरे, अध्यक्ष, संयुक्त गुरुकुल परिषद ने कहा – “डॉ. कंचन जैन ने शिक्षा को केवल पेशा नहीं, बल्कि साधना के रूप में अपनाया है। सनातन मूल्यों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का उनका प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उनकी विद्वता और सरलता हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।”
प्रो. (डॉ.) एस. जे. शांडिल्य, अध्यक्ष, संयुक्त गुरुकुल परिषद एवं सनातन अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक विश्वज्ञानालय ने कहा – “अलीगढ़ की बेटी को नीति आयोग से मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा यह सम्मान मिलना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। डॉ. कंचन जैन एक उत्कृष्ट साहित्यकार, ओजस्वी वक्ता और समर्पित शिक्षाविद् हैं। हिंदी साहित्य के प्रति उनका समर्पण वंदनीय है।”
इस अवसर पर डॉ. कंचन जैन ने कहा कि यह सम्मान उनके गुरुजनों, माता-पिता और सभी शुभचिंतकों को समर्पित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!