सूर्याय पुत्राय विद्महे, महाकालाय धीमहि तन्नो यम: प्रचोदयात -गोविंद देवजी मंदिर में हुआ पितृ पुष्टि गायत्री महायज्ञ

जयपुर। ज्येष्ठ अधिकमास(पुरुषोत्तम मास) की अमावस्या तिथि को ठाकुर श्री गोविंद देव जी मंदिर प्रांगण में महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में निशुल्क पंच कुंडीय पितृ पुष्टि गायत्री यज्ञ पांच पारियों में श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। यज्ञ में 350 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र सहित अन्य वैदिक मंत्रों के साथ विश्व कल्याण की कामना के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कीं। अमावस्या के उपलक्ष्य में दिवंगत पितृगणों का स्मरण कराते हुए काले तिल और जौ से ओम सूर्याय पुत्राय विद्महे, महाकालाय धीमहि तन्नो यम: प्रचोदयात् मंत्र के साथ विशिष्ट आहुतियां प्रदान की गई। मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने दीप प्रज्जवलन कर यज्ञ का शुभारंभ किया। आचार्य पीठ से डॉ. राजकुमार सातनकर ने विधि-विधानपूर्वक यज्ञ कराते हुए कहा कि पितृ हमारे अदृश्य सहायक होते हंै। श्रद्धा से किए गए कार्यों से उन्हें पौषण मिलता है। उनकी स्मृति में पक्षियों के लिए परिंडे और पौधे लगाने चाहिए। बृजलाल जांगिड़ ने हारमोनियम तथा आदित्य सैनी ने तबले पर संगत की। इस अवसर पर चार जन्मदिवस, एक वैवाहिक वर्षगांठ तथा एक विद्यारंभ संस्कार भी कराया गया।
गायत्री चेतना केन्द्र, जनता कॉलोनी की ओर से युग साहित्य स्टॉल लगाई गई। यहां लागत मूल्य पर श्रेष्ठ साहित्य उपलब्ध कराया गया।




