बेटी के विवाह में साथ खड़ी हुई पूरी कॉलोनी, प्रेम और सहयोग की बनी मिसाल
मुरलीपुरा में सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण, जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह में बढ़े सहयोग के हाथ

जयपुर। मुरलीपुरा की विकासनगर कॉलोनी के एक जरुरतमंद परिवार की बेटी के विवाह की तैयारियों में पूरी कॉलोनी ही जुटी हुई है। मुरलीपुरा के विकास नगर स्थित श्री राधा कृष्ण शिव मंदिर में बेटी के हाथ पीले करने की रस्म की गई है। पूरी कॉलोनी उत्साह के साथ इस रस्म में शामिल हुई।
गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा के व्यवस्थापक मनु महाराज ने वेद मंत्रोच्चार के साथ नंदिनी के हाथों पर हल्दी लगाकर हाथ पीले किए। इसके बाद मंदिर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने बारी-बारी हल्दी लगाई। मंदिर महंत श्याम सुंदर चतुर्वेदी ने ठाकुरजी की ओर से आशीर्वाद प्रदान किया। विवाह की सभी तैयारियां मंगलमय एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न हों, इसके लिए बेटी के माता-पिता एवं परिजनों ने सर्वप्रथम यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर भगवान से प्रार्थना की। विकासनगर विकास समिति के अध्यक्ष पन्ना लाल तंवर ने बताया कि कॉलोनी की बेटी नंदिनी का विवाह 19 जून को है। सभी लोग अपनी बेटी मानकर सहयोग कर रहे हैं। हम कोई मदद नहीं कर रहे। विवाह के दिन भी कॉलोनीवासी हर संभव कार्य में सहभागी बनेंगे।
> प्रेम-सहयोग से पिता हुए अभिभूत:
बेटी के पिता रमेश राणा ने बताया कि वे कॉलोनीवासियों के प्रेम और सहयोग से अभिभूत है। बिना किसी से कुछ मांगे लोग स्वयं आगे आकर मेरी बेटी को अपनी बेटी मानकर सहयोग कर रहे हंै। मना करने पर भी लोग नहीं मान रहे। ऐसा प्रेम और सहयोग हर कॉलोनी में हो तो किसी पिता को अपनी बेटी के विवाह में जरा भी चिंता नहीं करनी पड़े।
उपहार में दिया घरेलू सामान:
गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा की ओर से विभिन्न दानदाताओं और कॉलोनीवासियों सहयोग से घरेलू उपयोग के उपहार भेंट किए गए। इनमें वाशिंग मशीन, कलर डबल बेड, गद्दे, ड्रेसिंग टेबल, बर्तन सेट, पंखा, साडिय़ां, श्रृंगार सामग्री एवं अन्य आवश्यक सामान शामिल रहे। श्री सालासर बालाजी मंदिर के महंत डॉ. विष्णुदत्त पुजारी, हरिनाम संकीर्तन परिवार के अकिंचन महाराज, श्री श्याम सेवा संघ, मानसरोवर के अध्यक्ष विमल कुमार सोनी, राजेश माहेश्वरी, कैलाश जांगिड़, सुरेश कुमार गुप्ता, निर्मला शर्मा, इंदिरा अग्रवाल सहित अनेक लोगों ने सामान उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान किया। सौभाग्यकांक्षिणी नंदिनी का जयपुर के आराध्य देव गोविंद देवजी की छवि भेंट की गई। कुछ ही देर ही इस रस्म में इतना सामान एकत्र हो गया है कि उसे ले जाने के लिए लोडिंग गाड़ी मंगवानी पड़ी। घर में जगह कम होने के कारण किसी अन्य के घर पर सामान रखना पड़ा।




