देश की संसद शर्मसार – विनोद कुमार शर्मा

विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र में संसद परिसर में भारतीय संस्कृति और सनातन का मखौल उड़ाया गया इतना ही नहीं संसदीय परंपराओं की धज्जियां उड़ीं लोकतंत्र में सभी को अपनी राय या अपना मत रखने का अधिकार है लेकिन उससे हटकर सनातन धर्म संस्कृति साधु संतों का संसद परिसर में मजाक बनाया जाय देश को शर्मसार किया जाए एसे लोगों भले वो सांसद हों कानूनी कार्यवाही होना चाहिए।
संसद में आए दिन हंगामा जिसमें जनता का भरोसा और अत्यधिक आर्थिक नुकसान होता है लोकतंत्र के लिए घातक है अब तो लगातार वेल में आना असंसदीय भाषा और आचरण भी सदन में लगातार देखने को मिल रहा जनता के पैसे का अपव्यय और वोटरों के साथ छल करने जैसा है पक्ष या विपक्ष दोनों से संसदीय परंपराओं को निभाने की स्वस्थ परम्परा लागू करनी चाहिए अन्यथा माननीय स्पीकर जी को कड़े कदम उठाने चाहिए चाहे सत्तारूढ़ दल हो या विपक्ष माननीय स्पीकर जी को सनातन धर्म संस्कृति के अपमान करने बालों को भी कानूनी दायरे में लेकर कड़ी कार्यवाही करना चाहिए जिससे एसे अशोभनीय व्यौहार की पुनरावृत्ति न हो।
जय हिन्द 🇮🇳
विनाेद कुमार शर्मा




