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सावन मास – भक्ति और हरियाली का महीना – लेखक : नरसा राम जांगु (राजस्थान)

जब काली घटा छाती है, बूंदें माटी पर थिरकती हैं और मन खुद-ब-खुद महादेव की ओर खिंचा चला जाता है… वही तो सावन है।
सावन का महीना आते ही पूरी धरती दुल्हन की तरह सज जाती है। चारों तरफ हरियाली छा जाती है, खेत लहलहाने लगते हैं और ठंडी-ठंडी हवा मन को सुकून देती है। यह महीना भगवान शिव का सबसे प्यारा महीना माना जाता है।

इस महीने में हर सोमवार का बड़ा महत्व है। लोग व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और फूल चढ़ाते हैं और भोलेनाथ से अपने परिवार की खुशहाली मांगते हैं। मंदिरों में “हर-हर महादेव” की गूंज और कांवड़ियों की टोली इस महीने की रौनक को और बढ़ा देती है।

सावन सिर्फ पूजा का महीना नहीं, यह प्रेम, उम्मीद और नई फसल की खुशी का महीना भी है। झूले पर गाए जाने वाले सावन के गीत, मेंहदी रचे हाथ और हंसी-ठहाकों से घर-आंगन गूंज उठता है। सच में, सावन मन को भक्ति से और धरती को हरियाली से भर देता है।

लेखक : नरसा राम जांगु (राजस्थान)

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