घुमंतू समाज ने आवासीय पट्टों के वितरण पर मुख्यमंत्री का जताया आभार, सात प्रमुख मांगें दोहराईं

जयपुर। विमुक्त, घुमंतू एवं अद्र्ध घुमंतू जनाधिकार समिति ने शुक्रवार को नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंकसिटी प्रेस क्लब में बैठक कर राज्य सरकार से घुमंतू समुदाय की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। समिति ने फरवरी में आयोजित महासम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष रखी गई मांगों को दोहराते हुए कहा कि न्याय एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्णय जल्द लिए जाएं। बैठक में समिति के क्षेत्रीय संयोजक रामकिशोर योगी, क्षेत्रीय सहसंयोजक राकेश बिडावत, जयपुर प्रांत संयोजक जसराम गोस्वामी, एडवोकेट राम अवतार योगी, एडवोकेट रामधन सांसी, घनश्याम दास बड़तीया, भैरूराम बंजारा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय सहसंयोजक राकेश बिडावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 21 हजार तथा शहरी क्षेत्रों में 4 हजार आवासीय पट्ओं का वितरण किया जाना स्वागतयोग्य कदम है। हाल ही में हुए सर्वे के आधार पर शहरी क्षेत्रों में करीब 5 हजार और पट्टे वितरित किए जाने की तैयारी पर भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही डीएनटी समाजों के लिए एक लाख आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने के लक्ष्य का स्वागत करते हुए इसे समुदाय के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
क्षेत्रीय संयोजक रामकिशोर योगी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण में वर्गीकरण लागू करने तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में भी आरक्षण का वर्गीकरण किए जाने की मांग उठाई। एडवोकेट रामधन सांसी कहा कि यदि यह संभव नहीं हो तो विमुक्त, घुमंतू एवं अद्र्ध घुमंतू वर्ग की जातियों को उनके मूल वर्ग (एससी/एसटी/ओबीसी) से अलग कर 10 प्रतिशत पृथक आरक्षण दिया जाए।
जयपुर प्रांत संयोजक जसराम गोस्वामी ने राज्य सरकार की अधिकृत 32 विमुक्त, घुमंतू एवं अद्र्ध घुमंतू जातियों की सूची में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने, उपजातियों को शामिल करने तथा सूची से छूटी हुई जातियों को जोडऩे की मांग की। उनका कहना था कि जातिगत विसंगतियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
इन मांगों पर भी हुई चर्चा:
समिति ने मांग की कि विमुक्त, घुमंतू एवं अद्र्ध घुमंतू परिवारों के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर आवासीय भूमि पट्टे जारी किए जाएं तथा वर्तमान में जहां समुदाय के परिवार निवास कर रहे हैं, वहां उन्हें पट्टे देकर पुनर्वास सुनिश्चित किए बिना विस्थापित नहीं किया जाए।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास स्थापित करने, आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा ईदाते आयोग द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट लागू कराने की सिफारिश, समुदाय के युवाओं के लिए अलग से रोजगार मेले एवं कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित करने तथा जयपुर में समुदाय की कला, साहित्य, संस्कृति एवं इतिहास के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शोध केन्द्र स्थापित करने की मांग भी की गई।




