गंगा दशहरा पर ‘‘वंदे गंगा’’ जल संरक्षण जन अभियान-2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ
रावतों का बास स्थित ऐतिहासिक बाईजी का तालाब बना जनजागरण का केंद्र
रिपोर्टर : शिंभू सिंह शेखावत
जोधपुर, 25 मई। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोमवार को जोधपुर में ‘‘वंदे गंगा’’ जल संरक्षण जन अभियान-2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ रावतों का बास स्थित ऐतिहासिक बाईजी का तालाब पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर राजीविका समूहों की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में ‘‘वंदे गंगा’’ कलश यात्रा निकालकर जल संरक्षण एवं जनभागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।मुख्य अतिथि जोगाराम पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को देवत्व का स्वरूप माना गया है तथा यह जीवन, पवित्रता और समृद्धि का आधार है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सदियों से जल संरक्षण की समृद्ध परंपराओं की भूमि रहा है। यहां के तालाब, बावड़ियां, झालरे, जोहड़ और कुएं हमारे पूर्वजों की दूरदृष्टि और जल प्रबंधन क्षमता के प्रतीक हैं। वर्तमान समय में आवश्यकता है कि इन परंपराओं को आधुनिक सोच और जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाए। श्री पटेल ने ऐतिहासिक बाईजी का तालाब की महत्ता बताते हुए कहा कि यह लगभग 200 वर्ष पुरानी जोधपुर की ऐतिहासिक जल धरोहरों में से एक है। इसका निर्माण वर्ष 1826 में जोधपुर के महाराजा मानसिंह की पुत्री सिरे कंवर द्वारा करवाया गया था। मारवाड़ में बेटियों को ‘‘बाई’’ कहकर संबोधित करने की परंपरा के कारण इसका नाम बाईजी का तालाब पड़ा। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया गया तथा लोगों से जल स्रोतों के संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन को अपनाने की अपील की गई।




