Box FM पर सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ से खास बातचीत, साहित्य और सकारात्मक सोच पर हुई सार्थक चर्चा।

सुनितात्रिपाठी’अजय। जागरण इंडिया टुडे
जयपुर। साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वालीं लेखिका एवं शिक्षिका सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ हाल ही में Box FM के विशेष कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर शिवाली गुप्ता ने उनसे विशेष बातचीत की, जिसमें सुनीता त्रिपाठी ने अपने साहित्यिक सफर, लेखन, शिक्षा, पत्रकारिता और जीवन में सकारात्मक सोच की भूमिका पर विस्तार से विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान सुनीता त्रिपाठी ने बताया कि उनके लिए साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं को समाज तक पहुंचाने और लोगों के मन में सकारात्मकता जगाने का माध्यम है। उनका मानना है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, व्यक्ति को निराशा में डूबने के बजाय उम्मीद और मुस्कुराहट की वजह तलाशनी चाहिए।

उन्होंने अपने साहित्यिक सफर पर चर्चा करते हुए अपनी विभिन्न पुस्तकों और साझा संकलनों का उल्लेख किया। ‘तेरे लिए’, ‘सृष्टिमन’, ‘सृष्टिमन का सागर’, ‘सृष्टिमन भाग-2’, ‘सृष्टिमन भाग-3 : लड्डू गोपाल की पालकी’ सहित उनकी कई कृतियां पाठकों के बीच अपनी पहचान बना चुकी हैं। वे 50 से अधिक साझा संकलनों में सहभागिता कर चुकी हैं और स्वयं पांच पुस्तकों का संकलन भी कर चुकी हैं।

सुनीता त्रिपाठी की साहित्यिक यात्रा को अनेक सम्मान भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें सम्पर्क गौरव सम्मान, हिंदी काव्य शिरोमणि सम्मान, नेपाल-भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मान तथा मुंशी प्रेमचंद ‘दिल में बसे सियाराम’ द्वितीय पुरस्कार प्रमुख हैं। हाल ही में अगस्त 2026 में उनकी पुस्तक ‘सृष्टिमन भाग-4 : बालमन चेतना’ का विमोचन हुआ और उन्हें पुनः सम्पर्क गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में उनकी शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका पर भी चर्चा हुई। हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में लेखन करने वाली सुनीता त्रिपाठी की रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ-साथ दूरदर्शन, आकाशवाणी, रेडियो और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंचों तक पहुंच चुकी हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी वे विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। बॉक्स एफएम के आरजे रविन्द्र के साथ बातचीत में उन्होंने मायड़ भाषा के गीत भी सुनाए जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा। उनका संदेश स्पष्ट है—
दुखों की कहानी कहने के बजाय, मुस्कुराने की वजह तलाशनी चाहिए।
बॉक्स एफएम के सीईओ मुकुल गोस्वामी ने बताया की यह बातचीत साहित्य, संवेदनाओं और सकारात्मक जीवन-दृष्टि का खूबसूरत संगम रही। कार्यक्रम के माध्यम से श्रोताओं को सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ के साहित्यिक व्यक्तित्व के साथ-साथ उनके प्रेरणादायी जीवन-दर्शन को भी करीब से जानने का अवसर मिला।




