महाराज छत्रसाल के शौर्य को समर्पित रहा कल्प कथा मंजूषा मंच- सूर्यपाल नामदेव चँचल मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित।

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि बुन्देलखण्ड केसरी महाराज छत्रसाल के शौर्य और पराक्रम को समर्पित कल्प कथा मंजूषा मंच ग्वालियर मप्र के कथाकार सूर्यपाल नामदेव चँचल की बुंदेलखंड केसरी महाराज छत्रसाल बुंदेला अंतिम गर्जना, एवं औरत एक खामोश व्यथा कहानियों से सजा।
विद्वान् साहित्यकार अतुल कुमार खरे बसंत विहार दिल्ली के कुशल संचालन में कल्पकथा साहित्य संस्था के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के समीक्षा एवं समालोचना के विशेष प्रारूप के आयोजन में साहित्य सेवारत प्रबुद्ध साहित्यकार सूर्यपाल नामदेव चँचल को मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित करते हुए उन्हें भविष्य हेतु मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।
दिल्ली से जुड़ीं समीक्षक हिन्दी आचार्य श्रीमती एकता सिंह जी, एवं हैदराबाद तेलंगाना से जुड़े समालोचक श्री चंद्र प्रकाश गुप्ता चन्द्रबुंदेला जी की विशिष्ट भूमिकाओं से सजे कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव १५०वें वर्ष में अमर बलिदानियों के सम्मान में वन्दे मातरम् का गायन किया गया तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों को आभार प्रकट करने बाद सर्वे भवन्तु सुखिन: श्लोक पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।




