पानी की बूंद-बूंद को तरसे कई गांव, 11 जून को कलेक्ट्रेट पर होगा जन आक्रोश धरना
रिपोर्टर (शिंभू सिंह शेखावत)
जोधपुर। लूणी विधानसभा क्षेत्र के करीब कई गांवों और ढाणियों में गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। समाजसेवी गौतम सिंह बड़ली के नेतृत्व में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को संयुक्त विधिक मांग पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 11 जून 2026 को कलेक्ट्रेट के सामने विशाल “जन आक्रोश धरना” आयोजित किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच गांवों में पेयजल की स्थिति भयावह बनी हुई है। कई स्थानों पर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं, वहीं मवेशी और मूक जीव-जंतु भी पानी के अभाव में परेशान हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहा है।
मांग पत्र में प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग के तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार को हर माह दो निःशुल्क पानी के टैंकर उपलब्ध करवाने अथवा ₹2000 प्रति माह “जल विफलता हर्जाना” सीधे बैंक खातों में देने की मांग की गई है। दूसरी मांग में 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन और जीपीएस आधारित टैंकर ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने की बात कही गई है, ताकि पानी की कालाबाजारी और अवैध भटकाव पर रोक लग सके।
इसके अलावा ग्रामीणों ने स्थायी पेयजल योजना की स्पष्ट समय-सीमा सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन लिखित में बताए कि क्षेत्र में “हर घर नल से जल” योजना कब तक धरातल पर पूरी होगी।समाजसेवी गौतम सिंह बड़ली ने कहा कि लूणी क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है, लेकिन प्रशासन अब तक केवल आश्वासन दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।




