कल्पकथा मासिक सम्मान समारोह जून २०२६ एवं २५२वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी आयोजित
नवाचार से प्रेरित हिंदी साहित्य के आयोजनों में देश विदेश के साहित्यकार सम्मानित

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से सोनीपत हरियाणा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि कल्पकथा परिवार ने जून २०२६ का मासिक सम्मान समारोह एवं २५२वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी का गरिमामय आयोजन किया।
लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ गजेंद्र हरिहरनों दीप की अध्यक्षता, एवं वरिष्ठ पत्रकार रघुवंशमणि सिंह के मुख्य आतिथ्य के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के मासिक सम्मान समारोह जून २०२६ में विजय रघुनाथराव डांगे को कल्प शिल्प विभूषण, पण्डित अवधेश प्रसाद मिश्र मधुप को कल्प सृजन भूषण, नैन्सी श्रीवास्तव को कल्प कवि कुल कलश, ज्योति प्यासी को वैचारिक शिखर अलंकरणों से अलंकृत किया गया। वहीं कीर्ति त्यागी, भास्कर सिंह माणिक को कल्प संवाद कौशल सम्मान, शोभा प्रसाद को कल्प सृजन कौशल सम्राट, रमापति मौर्य को कल्प सृजन कौशल मुकुट, संदीप मारू गोठवाल को कल्प सृजन कौशल प्रासाद सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही दैनिक कल्प सर्जना कार्यक्रम के पटल प्रभारी विद्वान डॉ जया शर्मा प्रियंवदा, ज्योति प्यासी, दीपिका वर्मा, प्रेमलता कुमारी पुष्पेश, ज्योतिषाचार्य पण्डित जीतेंद्र शास्त्री, अमित पण्डा अमिट रोशनाई, आदि समर्पित साहित्य मर्मज्ञ जनों को कल्प सर्जना ध्वजवाहक सम्मान से विभूषित किया गया।
आयोजन के अगले सत्र में पवनेश मिश्र के मंच संचालन, पण्डित अवधेश प्रसाद मिश्र मधुप की अध्यक्षता, सिद्धेश्वरी सर्राफ शीलू के मुख्य आतिथ्य में २५२वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें विजय रघुनाथराव डांगे, अनिशा जैन, अमित पण्डा अमिट रोशनाई, नन्द किशोर बहुखंडी, रामपति मौर्य, रानी शर्मा, शोभा प्रसाद, बिनोद कुमार पाण्डेय, दीदी राधा श्री शर्मा, पवनेश मिश्र, ने भक्ति काव्य रचनाओं से वातावरण सुवासित किया।
कार्यक्रमों के अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् की १५०वीं वर्षगांठ पर स्मरणोत्सव वर्ष पर राष्ट्रगीत गायन किया गया एवं दीदी राधा श्री शर्मा द्वारा सभी का आभार प्रकट करते हुए सर्वे भवन्तु सुखिन: शांति पाठ के पश्चात कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।




