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नन्हा जीवन – लघुकथा- सुनीता तिवारी”सरस” स्वरचित
गांव के किनारे एक बूढ़ा माली रहता था,नाम था हरिराम। उम्र ढल चुकी थी, मगर आंखों में अब भी…
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सावन मास – भक्ति और हरियाली का महीना – लेखक : नरसा राम जांगु (राजस्थान)
जब काली घटा छाती है, बूंदें माटी पर थिरकती हैं और मन खुद-ब-खुद महादेव की ओर खिंचा चला जाता है……
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महानता के लक्षण — महेन्द्र कुमार सिन्हा जय महासमुंद छत्तीसगढ़
कहते है पूत के पांव पालने में दिख जाता है। महानता के लक्षण माफ़ करने में है। क्षमा वीरस्य…
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वंदना बालभारती में रामचरित्र एवं गीता के आदर्शों पर चर्चा, विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर दिया जोर
जयपुर। वंदना बालभारती में अनुकरणीय आदर्श प्रभु श्री राम पुस्तक प्रकाशन मंडल के साथ शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से रामचरित्र…
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कवि कृषक : शब्दों की धरती का अन्नदाता- कविता साव पश्चिम बंगाल
भारतीय संस्कृति में कृषक को अन्नदाता कहा गया है, क्योंकि वह धरती पर बीज बोकर मानव जीवन के लिए…
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जहाँ शब्द समाप्त होते हैं, वहाँ शिव आरंभ होते हैं। – डॉ. दक्षा जोशी’निर्झरा’ अहमदाबाद, गुजरात।
सावन केवल एक मास नहीं, बल्कि प्रकृति और चेतना का महा संवेदनापूर्ण मिलन है। आकाश के आँसू जब धरा…
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आलेख लेखन: युवाओं में नैतिक पतन को कैसे रोका जाए- श्री पालजीभाई वी राठोड़ ‘प्रेम’ (सुरेंद्रनगर- गुजरात)
आज के युवा धन देश की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य की आधारशिला माने जाते हैं। यदि युवाओं में नैतिक…
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अपने अपने नरक – सीमा शुक्ला चांद
नरक क्या है नरक ? क्या ये कोई स्थान है या कोई ऐसी अनुभूति जो सुख के विपरीत है।…
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वो यादें रक्षा रक्षा बंधन की – रमेश शर्मा
आज फिर रक्षा बंधन पर मुझे अपनी बहन मंजू जीजी की बहुत याद आई। वे खुर्जा में रहती हैं…
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स्मृतियों की पगडंडी- प्रवीणा सिंह राणा
जीवन की लंबी यात्रा में कुछ पगडंडियाँ ऐसी होती हैं, जिन पर समय की धूल तो जम जाती है,…
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