Uncategorized
-
संस्मरण) – साइकिल – अलका गर्ग “अक्श “ गुरुग्राम
मैं दो भाइयों की एक बहन..तो मेरे सारे शौक,सारे खेल लड़कों जैसे थे। भाइयों के दोस्त मेरे दोस्त थे। मम्मी…
Read More » -
(संस्मरण) साइकिल – अलका गर्ग “अक्श “ गुरुग्राम
मैं दो भाइयों की एक बहन..तो मेरे सारे शौक,सारे खेल लड़कों जैसे थे। भाइयों के दोस्त मेरे दोस्त थे।…
Read More » -
कश्मकश (लघुकथा) – राजेन्द्र परिहार”सैनिक”
राहुल हमेशा से यही मानता था कि पत्नी का स्थान घर में है, बच्चों के साथ, परिवार के बीच।…
Read More » -
“दिल की कलम से” में शब्दों, सुरों और संवेदनाओं ने बांधा समां
सुनीता त्रिपाठी अजय की रिपोर्ट जयपुर, 5 जून 2026। जयपुर की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘जयपुर आइकन्स’ द्वारा…
Read More » -
तपती गर्मी मन हुआ बेहाल — डॉक्टर मीरा कनौजिया काव्यांशी
तपती धरती बढ़ता प्रदूषण गर्मी में मन हुआ बेहाल ऋतु चक्र परिवर्तन ,क्रमानुसार परिवर्तित हो रहा है पृथ्वी अपनी…
Read More » -
पर्यावरण दिवस – अशोक पटसारिया नादान
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 1974 को मनाया गया था और इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना…
Read More » -
बदलते समय का कोलाहल और खोती संवेदनशीलता’ –डो.दक्षा जोशी ‘निर्झरा’ अहमदाबाद, गुजरात।
आज का दौर ‘अति-गतिशीलता’ और बाज़ारवाद का है, जहाँ तक़नीक ने दुनिया को उंगलियों पर तो ला दिया है,…
Read More » -
जब मिले थे उनसे पहली बार — सुनीता तिवारी”सरस”
लघु कथा कॉलेज का दसवां दिन था। हल्की-सी घबराहट, नई जगह और अनजान चेहरे,सब कुछ जैसे किसी अनकही कहानी की…
Read More » -
समरसता का स्वप्न — कविता साव पश्चिम बंगाल
काश ऐसा दिन आए जब मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारे केवल पूजा के स्थान न रहकर मानवता के मिलन केंद्र…
Read More » -
मानवतावाद का पाठ पढ़ें – निबंध लेख — सुमन दूबे साऊंखोर बड़हलगंज गोरखपुर
मनुष्य जीवन ईश्वर की सबसे अनमोल देन माना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में सफल बनने का सपना देखता…
Read More »