काव्यशैली मासिक पत्रिका का वार्षिक सम्मान समारोह 2026 सम्पन्न

रिपोटर संजय कुमार गिरि
दिल्ली। गत रविवार 7 जून 2026 को ‘काव्यशैली ‘ राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका ‘ द्वारा आयोजित “काव्यशैली वार्षिक साहित्य सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोजन साहित्य सदन, मंगोलपुर खुर्द, दिल्ली में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता देश के प्रसिद्ध शायर मंगल नसीम साहब ने की। अनिल वर्मा मीत के आथित्य में, काव्यशैली की एडिटर शैली भागवत ‘आस’ एवं सहसंपादक सावित्री मलिक ने मंच पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे काव्यशैली के सदस्य कवियों, साहित्यकारों को काव्यशैली साहित्य सम्मान 2026 प्रदान किये। संस्था द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को “काव्यशैली साहित्य सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट किए गए। सम्मानित सदस्यों में वरिष्ठ कवयित्री सावित्री मलिक को काव्यशैली विशिष्ट साहित्य सम्मान -2026 एवं संगीता अहलावत, ‘रुद्राणी’ ‘पूनम शर्मा डॉ. साधना अग्रवाल, कमला सिंह जीनत,तूलिका सेठ, कीर्ति रत्न, दास प्रेम,सुनीता भारल डॉ.पुष्पा जोशी ,लक्ष्मी कानोडिया, जय किशन जय, राजेश तंवर, सारिका प्रीतम,कवि अजय वर्मा साथी,डॉ. रश्मि गंगवानी,पुष्टि अग्रवाल कवि संजय कुमार गिरि ,डॉ. राजबाला राज जी उमेश प्रसाद शर्मा कवि वीरेंद्र सिंह कौशल, अनीता जैन को सम्मानित किया गया।साहित्य सम्मान के साथ सारिका प्रीतम की किताब ‘कॉम इस योर सुपर पावर’ (धैर्य की महाशक्ति )शैली भागवत के ग़ज़ल संग्रह ‘सहर मिल गई ‘का लोकार्पण किया गया। काव्यशैली के मई अंक का विमोचन भी इस अवसर पर किया गया। ‘काव्यशैली’ की एडिटर शैली भागवत ‘आस’ ने काव्यशैली की वार्षिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए इसके आगामी वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए कहा कि काव्यशैली मात्र एक पत्रिका नहीं बल्कि सार्थक साहित्य को सहेजने का प्रयास है। इसकी शुरुआत इसी उद्देश्य के साथ की गई कि साहित्य, शिक्षा के माध्यम से कला और संस्कृति को संरक्षित किया जाए। एक वर्ष के भीतर ही इसने देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में अपनी जगह बना ली है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से नवोदित, वरिष्ठ कलमकारों की रचनाएँ प्रकाशित हो रही है। अब तक लगभग 200 से अधिक रचनाकारों को पत्रिका में स्थान मिला है। वर्तमान में इसकी दिल्ली,उत्तर प्रदेश की इकाई के साथ इंदौर इकाई भी सक्रियता से काम कर रही है। साथ ही उन्होंने सारिका प्रीतम की कृति पर चर्चाकार के तौर पर इस पुस्तक को आधुनिक जीवन के लिए वरदान बताया है।जिसमें हमें प्रेरणादायक लेखों और उदाहरण के साथ यह सिखाया गया है, कि असली ताकत बाहर के शोर को रोकने में नहीं, बल्कि अपने मन को शांत रखने में
प्रसिद्ध शायर मंगल नसीम साहब ने इस अवसर पर काव्यशैली के आयोजकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हमें अपनी लेखनी से सार्थक साहित्य का सृजन करते रहना चाहिए। इस कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान बबिता उपाध्याय,डॉ. वीरेंद्र पाठक, गुंजन अग्रवाल, नरेन्द्र शर्मा,डॉ. गीतांजलि अरोड़ा, डॉ. शम्भू पवार, अंकित गोयल ‘सावन’, सुमन नागर सरल,श्री दास प्रेम रामेश चंद्र गौतम आदि कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का काव्यपाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। गीत, ग़ज़ल, मुक्तक एवं समकालीन विषयों पर प्रस्तुत रचनाओं को उपस्थित जनसमूह ने भरपूर सराहना दी।
कार्यक्रम में सौहार्द, साहित्यिक संवाद और रचनात्मक आदान-प्रदान का सुंदर वातावरण देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों ने काव्यशैली के साहित्य-संवर्धन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए संस्था के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंत में आयोजक एवं संयोजक साहित्य श्री संस्थापक रामश्याम ‘हसीन’ ने सभी अतिथियों, सम्मानित साहित्यकारों, कवियों, श्रोताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।




