महाराणा प्रताप मेवाड़ की आन, बान और शान

उदयपुर। अनुष्का संस्थान में महाराणा प्रताप जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को नमन किया।इस अवसर पर संस्थान के निदेशक राजीव सुराणा ने विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप के जीवन, उनके संघर्षों, त्याग, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, आत्मसम्मान और दृढ़ संकल्प का अनुपम उदाहरण है, जिससे प्रत्येक युवा को प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी पूरे जोश एवं उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। अनिता राव ने गीत के माध्यम से महाराणा प्रताप द्वारा लड़े गए युद्धों और उनके अदम्य साहस का प्रभावशाली वर्णन प्रस्तुत किया। वहीं पायल प्रजापत ने अपनी कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप के जीवन परिचय, संघर्षों एवं राष्ट्रप्रेम को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त किया।
इसी कड़ी में अशोक कुमार, खुशबू, पल्लवी नायक, डिंपल, साक्षी चौधरी, भवेश चित्तौड़ा, तेजपाल एवं जितेन्द्र मीणा सहित अनेक विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व, कर्तृत्व और संघर्षपूर्ण जीवन पर अपने विचार व्यक्त किए तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। विज्ञान के शिक्षक मानवेन्द्र सिंह ने भी महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातों को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। वहीं इतिहास के शिक्षक गिरिराज जी ने महाराणा प्रताप के जीवन से मिलने वाली शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वाभिमान से समझौता नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ हेमंत बाबेल, रेखा रोत , नीलम औदीच्य, गणेश देवासी, प्रकाश एवं राहुल रोत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कृतिका शर्मा द्वारा किया गया, जबकि अंत में भूपेश परमार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति, वीरता और गौरव का वातावरण बना रहा तथा विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




